मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना स्थित प्यारे जी महाराज स्पोर्ट्स एकेडमी में आयोजित जूनियर नेशनल मिक्सड नेटबॉल प्रतियोगिता 2025-2026 के दौरान मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) एवं नवरात्रि सप्ताह के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न 24 राज्यों से आए खिलाड़ियों, कोचों और आयोजकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बालिकाओं और महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ ने उपस्थित खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से महिलाओं को न केवल उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, इसलिए प्रत्येक महिला और बालिका को अपने अधिकारों और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को विभिन्न महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति या परेशानी में बिना हिचक इन नंबरों पर संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि खिलाड़ी किसी भी प्रकार के साइबर अपराध या धोखाधड़ी से बच सकें।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने खिलाड़ियों को आत्मरक्षा के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि हर महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी के साथ किसी प्रकार का उत्पीड़न, छेड़छाड़ या अपराध होता है, तो उसे छुपाने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अपराधियों को सजा मिल सके।कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों, कोचों और आयोजकों ने इस पहल की सराहना की और इसे महिला सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम खिलाड़ियों के बीच आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित और जागरूक रहने का संदेश दिया गया तथा मिशन शक्ति अभियान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का आह्वान किया गया। यह कार्यक्रम न केवल खेल प्रतियोगिता का हिस्सा रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी साबित हुआ।















