मुजफ्फरनगर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर जागरूकता और प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें महिलाओं के अधिकार, सशक्तिकरण और समाज में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। सदर ब्लॉक कूकड़ा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पैरा लीगल वालंटियर गौरव मालिक ने उपस्थित महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सामाजिक सेवा, प्रशासन, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और समर्पण के बल पर अलग पहचान बनाई है और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। इसमें निशुल्क अधिवक्ता और निशुल्क विधिक सहायता की व्यवस्था के साथ टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत के बारे में भी जागरूक किया गया, जिसमें बैंक, यातायात, विद्युत, पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद और चेक बाउंस जैसे मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से निस्तारण किया जाता है। पैरा लीगल वालंटियर धनीराम ने महिलाओं को उनके अधिकारों और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, वन स्टॉप सेंटर 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 जैसे महत्वपूर्ण नंबरों के बारे में भी जागरूक किया। कार्यक्रम में स्वयंसेवी संगठन एक्शन एड के जिला संयोजक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए।
इसी क्रम में केशवपुरी स्थित ब्रह्माकुमारी मेडिटेशन सेंटर बामनहेरी में “महिला सशक्तिकरण श्रेष्ठ समाज की आधारशिला” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में यशि गर्ग उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रोफेसर डॉ. चित्रा चौधरी ने महिलाओं को शिक्षा, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता राजयोगिनी जयंती दीदी ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं बल्कि पूरे समाज की आधारशिला है। जब महिला अपनी आंतरिक और आध्यात्मिक शक्ति को पहचान लेती है तो वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरक बन जाती है।
उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन महिलाओं को मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक सोच प्रदान करता है, जिससे वे हर परिस्थिति का सामना धैर्य और आत्मविश्वास के साथ कर सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रेरणादायी उद्बोधन के साथ दिव्य गीत-संगीत के माध्यम से भी आध्यात्मिक संदेश दिया गया। इस अवसर पर क्षेत्र की अनेक महिलाओं और गणमान्य लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।















