दिल्ली में जरूरतमंद और गरीब वर्ग को सस्ता व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। इन कैंटीनों में मात्र 5 रुपये में भरपेट खाना दिया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों, बेघरों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को राहत पहुंचाना है। महंगाई के इस दौर में अटल कैंटीन गरीबों के लिए बड़ी सहारा बनकर सामने आई है।
दिल्ली के कई इलाकों में अटल कैंटीन खोली गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से आनंद विहार, सीमापुरी, नरेला, बवाना, द्वारका, रोहिणी, सुल्तानपुरी, शाहदरा, वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र, मायापुरी, ओखला और करावल नगर जैसे इलाके शामिल हैं। इन स्थानों का चयन उन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर किया गया है, जहां बड़ी संख्या में मजदूर और जरूरतमंद लोग रहते या काम करते हैं।
अटल कैंटीन में प्रतिदिन ताजा और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। थाली में आमतौर पर दाल, सब्जी, चावल या रोटी और कभी-कभी सलाद भी शामिल होता है। खाने की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि लोगों को पौष्टिक आहार मिल सके। कैंटीन में भोजन बनाने से लेकर परोसने तक की प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है।
कैंटीन की टाइमिंग सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक और कुछ स्थानों पर शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक रखी गई है। टाइमिंग स्थानीय जरूरत के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सरकार का कहना है कि भविष्य में अटल कैंटीन की संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।
अटल कैंटीन दिल्ली में सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को सम्मानजनक तरीके से सस्ता भोजन मिल सके।















