कोलकाता में सेना और ममता बनर्जी सरकार के बीच टकराव का माहौल देखने को मिला। मामला उस समय गरमा गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के लिए बनाया गया मंच जवानों ने हटा दिया। बताया जा रहा है कि यह मंच सेना की निर्धारित जमीन पर बनाया गया था और सुरक्षा कारणों से सेना ने इसे हटाने की कार्रवाई की। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, TMC कार्यकर्ताओं ने कोलकाता के महत्वपूर्ण क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने के लिए मंच खड़ा किया था। लेकिन सेना का कहना है कि वह स्थान उनकी सुरक्षा सीमा और गतिविधियों के दायरे में आता है। ऐसे में बिना अनुमति वहां किसी भी प्रकार का ढांचा खड़ा नहीं किया जा सकता। सेना के अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट की और फिर जवानों ने मौके पर पहुंचकर मंच को हटवा दिया।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह कदम राजनीतिक दबाव में उठाया गया है और केंद्र सरकार सेना का दुरुपयोग कर रही है। ममता सरकार ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया और कहा कि जनता की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
दूसरी ओर, सेना ने साफ कहा है कि कार्रवाई पूरी तरह से नियमों और सुरक्षा मानकों के तहत की गई। उनका कहना है कि अगर किसी भी पार्टी या संगठन को कार्यक्रम करना है तो उन्हें प्रशासनिक और सुरक्षा अनुमति लेना आवश्यक है। मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।















