मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना स्थित जमीयत उलमा-ए-हिंद की स्थानीय इकाई की एक विशेष बैठक कैम्प कार्यालय “क़ासमी मंज़िल” पर नगर अध्यक्ष हाजी शराफत अली की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आगामी ईद उल अजहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने, साफ-सफाई बनाए रखने, कानून व्यवस्था का पालन करने तथा जनगणना जागरूकता अभियान चलाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके साथ ही गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग का भी समर्थन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जमीयत उलमा-ए-हिंद जिला मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष एवं जिला मीडिया प्रभारी मौलाना आसिफ कुरैशी ने कहा कि ईद उल अजहा भाईचारे, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व है, इसलिए सभी लोगों को त्योहार को आपसी सद्भाव और शांति के साथ मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी जिम्मेदारी के साथ पालन किया जाए तथा किसी भी ऐसी गतिविधि से बचा जाए जिससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता हो।
हाफिज राशिद कुरैशी ने कहा कि कुर्बानी केवल निर्धारित और उचित स्थानों पर ही की जाए तथा खुले स्थानों पर कुर्बानी करने से परहेज किया जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी किसी भी स्थिति में न करें और कानून का सम्मान करते हुए जिम्मेदारी का परिचय दें। बैठक में साफ-सफाई को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि कुर्बानी के बाद स्वच्छता बनाए रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी बैठक में चिंता व्यक्त की गई। लोगों से अपील की गई कि कुर्बानी या जानवरों से संबंधित किसी भी प्रकार की फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर शेयर या वायरल न करें, क्योंकि इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने और विवाद उत्पन्न होने की आशंका रहती है।
जनगणना जागरूकता पर चर्चा करते हुए हाफिज तहसीन ने कहा कि सही जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, क्योंकि जनगणना देश की योजनाओं और विकास कार्यों का आधार होती है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जमीयत के कार्यकर्ता गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करेंगे।
नगर अध्यक्ष हाजी शराफत अली ने मौलाना अरशद मदनी द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार गाय संरक्षण को लेकर गंभीर है तो प्रभावी कदम उठाने चाहिए। बैठक के अंत में देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआ कराई गई।















