पशुलोक में पशुओं की जांच के लिए अत्याधुनिक डायग्नोसिस सेंटर बनाया जा रहा है। करीब 5.75 करोड़ की लागत से इसका निर्माण होगा। डायग्नोसिस सेंटर के निर्माण के बाद पशुओं की अत्याधुनिक मशीनों से जांच भी होगी।
पशुलोक स्थित भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान में राज्य गठन से पहले की प्रयोगशाला हैं। इन प्रयोगशालाओं में जो जांच की मशीनें हैं वह काफी पुराने वर्जन की हैं। ऐसे में पशुपालन निदेशालय की ओर से अत्याधुनिक डायग्नोसिस सेंटर बनाया जा रहा है। सेंटर का भवन बनने के बाद उसमें अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इस सेंटर के निर्माण होने के बाद यहां पर पशुओं की जांचें हो सकेंगी। वर्तमान संस्थान के पास पशुओं के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करने की व्यवस्था नहीं है।
डायग्नोसिस सेंटर में ये सुविधा होंगी
रेडियोलॉजी (एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड), फॉरेंसिक लैब, प्रशिक्षण कक्ष, नमूना एकत्रीकरण कक्ष, प्रतीक्षालय आदि।
20 किलोवाट का लगेगा सोलर प्लांट
पशुलोक स्थित भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान में पशुपालन विभाग की ओर से 20 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने की योजना है। डायग्नोसिस सेंटर के निर्माण होने के बाद इसकी छत पर विभाग की ओर से सोलर प्लांट लगाया जाएगा। सोलर प्लांट से तैयार होने वाली बिजली से संस्थान का परिसर जगमग होगा। संस्थान के परिसर में डायग्नोसिस सेंटर निर्माण किया जा रहा है। सेंटर के निर्माण होने के बाद अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। पशुओं की कई तरह की जांच करनी आसान हो जाएंगी। – अभय गर्ग, परियोजना प्रबंधक भेड़ एवं ऊन प्रसार संस्थान पशुलोक।















