बांदा जिले की तहसील बबेरू अंतर्गत ग्राम भदेहदू में जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है। गांव की गौशाला में भारी जल भराव के चलते मवेशियों को बचाना मुश्किल हो गया है। वहीं, किसान अपनी धान की फसल बचाने के लिए दिन-रात जान जोखिम में डालकर पहरा दे रहे हैं। जहरीले कीड़ों के काटने से किसानों की मौतें भी हो रही हैं। जल निकासी की पुलिया बंद होने के कारण अन्ना जानवर सड़कों पर डेरा जमाए हैं, जिससे कई लोग घायल हो चुके हैं और कुछ की मौतें भी हो चुकी हैं।
गांव में चकरोड संख्या 1615/1686 और ठाकुर जी राम जानकी मंदिर की भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कब्जा पूर्व प्रधान राममूरत पटेल की शह पर हुआ है, जिन्होंने तहसील प्रशासन की मिलीभगत से सरकारी जमीन पर अवैध मकान और ट्रेडर्स की दुकानें बनवा दी हैं। अरविंद ट्रेडर्स के नाम से चल रही दुकान से ईंट, बालू, गिट्टी सड़क पर डंप कर दी गई है, जिससे जल निकासी का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है।
स्थिति यह है कि गांव की दलित बस्ती, मजरा परतू पुरवा और दक्षिण हार के किसान दहशत में हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द जल निकासी बहाल नहीं हुई तो कई लोग बेघर हो जाएंगे और फसलें बर्बाद होने से भूखमरी का संकट खड़ा हो जाएगा। गौशाला में पानी भरने से मवेशियों के मरने का खतरा भी बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने अधिकारियों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया तो उन्होंने नजरअंदाजी की क्योंकि वे अक्सर राममूरत पटेल की दुकान पर भोजन-पानी करते देखे जाते हैं। पीड़ित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को बाध्य होंगे। जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में सैकड़ों पीड़ित किसानों ने तत्काल समिति गठित कर निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग की है।















