पश्चिम एशिया में जारी घमासान के बीच भारत को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पब्लिक सेक्टर की महारत्न कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) ने राजस्थान के दांडेवाला फील्ड में गैस का एक नया जोन खोज लिया है।यह भारत के घरेलू ऊर्जा खोज प्रयासों में एक नई उपलब्धि है।केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शनिवार को इस उपलब्धि की घोषणा की। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार दिया।
यहां पहली बार गैस का फ्लो
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पुरी ने कहा कि दांडेवाला फील्ड में कम गहराई वाले ‘सानू फॉर्मेशन’ से पहली बार प्राकृतिक गैस का फ्लो शुरू हो गया है। इसकी उत्पादन दर लगभग 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन है।
पुरी ने कहा, ‘ऊर्जा के घरेलू उत्पादन को मजबूत करने की भारत की कोशिश ने राजस्थान में एक नया अध्याय लिख दिया है।’उन्होंने आगे कहा कि इस सफलता से भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को नई रफ्तार मिलेगी। देश की घरेलू हाइड्रोकार्बन उत्पादन क्षमता मजबूत होगी।मंत्री ने इस नए गैस जोन को खोजने में ऑयल इंडिया की तकनीकी क्षमताओं और लगातार किए गए खोज प्रयासों की भी सराहना की।
क्यों बेहद अहम है यह उपलब्धि?
- यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब भारत अपनी लॉन्ग टर्म एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ाने में जुटा है।
- साथ ही आयातित तेल और गैस पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू खोज और उत्पादन को लगातार प्रायोरिटी दे रहा है।
चौथी तिमाही में कंपनी का रहा है मजबूत प्रदर्शन
इसके अलावा, ऑयल इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने इस तिमाही में अपने शुद्ध लाभ में पिछली तिमाही के मुकाबले 76 फीसदी की सीक्वेंशियल बढ़ोतरी दर्ज की। वहीं, रेवेन्यू 10 फीसदी बढ़कर 10,013 करोड़ रुपये हो गया।ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार हुआ। EBITDA पिछली तिमाही के 2,510 करोड़ रुपये से 31 फीसदी बढ़कर 3,281 करोड़ रुपये हो गया।रिपोर्टिंग तिमाही में EBITDA मार्जिन 27.5 फीसदी से बढ़कर 32.8 फीसदी हो गया, जो बेहतर परिचालन दक्षता को दिखाता है। मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद शुक्रवार को NSE पर ऑयल इंडिया के शेयर मामूली गिरावट के साथ 500.45 रुपये पर बंद हुए।हालांकि, इस PSU स्टॉक ने शेयरधारकों को लंबे समय में मजबूत रिटर्न दिया है। पिछले छह महीनों और एक साल दोनों ही अवधियों में इसमें लगभग 20 फीसदी की बढ़त हुई है। जबकि पिछले पांच सालों में यह 450 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ा है।























































