भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर दी है। यह खास खुशखबरी ऐसे समय आई है जब TCS में नौकरी की सुरक्षा से जुड़े हालिया अपडेट्स का सभी कर्मचारियों को बेसब्री से इंतजार था।कंपनी ने अब यह बिल्कुल साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी की छंटनी नहीं होगी और उनकी नौकरी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। कर्मचारियों को अब सामान्य रूप से पुरानी TCS वेतन वृद्धि कंपनी नीति के तहत समय पर वेतन वृद्धि मिलेगी।
छंटनी का दौर खत्म
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने स्पष्ट किया है कि अब उनके यहां कर्मचारियों की छंटनी का मुश्किल दौर बिल्कुल खत्म हो गया है। जुलाई 2025 में कंपनी ने एआई के कारण अपने ग्लोबल वर्कफोर्स के 2 परसेंट या 12,261 कर्मचारियों को अचानक निकाल दिया था। इस बड़े और कड़े फैसले के बाद से ही बहुत सारे कर्मचारी अपनी सैलरी हाइक और जॉब सिक्योरिटी को लेकर भारी अनिश्चितता में थे।
सैलरी इंक्रीमेंट शुरू
छंटनी रोकने के फैसले के बाद अब कंपनी अपने पुराने और सामान्य स्टैंडर्ड इंक्रीमेंट साइकिल पर पूरी तरह से वापस लौट आई है। कंपनी का यह नया इंक्रीमेंट साइकिल अब पिछले साल की देरी के बिना 1 अप्रैल से फिर से अपने सामान्य रूप में शुरू हो जाएगा। आमतौर पर कंपनी में कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन और ग्रेड के आधार पर 4.5 परसेंट से 7 परसेंट के बीच इंक्रीमेंट मिलता है।
वित्तीय स्थिति मजबूत
TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने बताया कि कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन बहुत ही मजबूत रहा है जिससे यह वापसी संभव हुई। कंपनी ने चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए 13718 करोड़ रुपये का भारी मुनाफा कमाकर बाजार में अपनी स्थिति मजबूत की है। यह शानदार मुनाफा पिछले साल की इसी समान तिमाही के मुकाबले करीब 12.2 परसेंट अधिक दर्ज किया गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है।
रेवेन्यू में बड़ी उछाल
TCS कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 9.6 परसेंट की जबरदस्त उछाल के साथ अब 70698 करोड़ रुपये के बड़े आंकड़े तक आसानी से पहुंच गया है। पिछले कुछ समय में कंपनी ने अपनी योग्यता के दम पर 12 बिलियन डॉलर के कई बड़े और नए कॉन्ट्रैक्ट्स सफलतापूर्वक हासिल किए हैं। इन्हीं शानदार मेगा डील्स और कारोबारी माहौल के कारण कंपनी को अपनी पुरानी सामान्य स्थिति में लौटने में बहुत ज्यादा मदद मिली है।
नासिक यूनिट विवाद
इन तमाम अच्छी और सकारात्मक खबरों के बीच महाराष्ट्र के नासिक में कंपनी की एक बीपीओ यूनिट भारी विवादों में घिरी हुई है। वहां काम करने वाली कुछ पीड़ित महिलाओं ने कंपनी के भीतर यौन उत्पीड़न, गंभीर शोषण और जबरन धर्मांतरण के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। नासिक पुलिस ने महिलाओं के इन चौंकाने वाले दावों और गंभीर मामले में तुरंत 9 एफआईआर दर्ज करके कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी गिरफ्तार
नासिक पुलिस के सूत्रों के अनुसार इस गंभीर आपराधिक मामले में कंपनी के दो सस्पेंड कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों सस्पेंड और गिरफ्तार कर्मचारियों के नाम पुलिस ने आधिकारिक तौर पर तौसिफ अत्तार और निदा खान बताकर जानकारी दी है। पुलिस की जांच के अनुसार इन दोनों लोगों को ही इस पूरे जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के चौंकाने वाले मामले का मुख्य मास्टरमाइंड बताया गया है।















