मुज़फ्फरनगर: ग्राम मिमलाना के कूड़ाघर में गौकशी के आरोप, प्रधान ने बताया साज़िश—निष्पक्ष जांच की मांग तेज

मुज़फ्फरनगर। ग्राम मिमलाना स्थित कूड़ाघर (RRC कूड़ा पथक्करण केंद्र) इन दिनों विवादों के केंद्र में है। बीते दिनों एक हिन्दू संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान मुस्तकीम पर गौकशी के आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया गया कि कूड़ाघर में दो आवारा गौवंश रखे गए थे, जो अब वहां मौजूद नहीं हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद गांव में चर्चाओं का दौर जारी है।

प्रधान मुस्तकीम ने इन आरोपों को पूरी तरह बेसिर-पैर का बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण फेज-2) के तहत ग्राम पंचायत के लिए इस सरकारी भूमि पर RRC कूड़ा पथक्करण केंद्र का निर्माण कराया गया था। प्रधान का आरोप है कि शहर का एक युवक कार्तिक कई वर्षों से इस भूमि पर कब्जा जमाए हुए था। पंचायत और प्रशासन की कार्रवाई से कब्जा हटने के बाद उसने रंजिशन दो आवारा पशु वहां बांध दिए और स्वयं ताला लगाकर चला गया।

प्रधान का कहना है कि 13 नवंबर को अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान सचिव ने उन्हें फोन कर जानकारी मांगी। ताला खुलवाने पर दो गाय अंदर मिलीं, जिनमें से एक बीमार हालत में थी। प्रधान के अनुसार, बीमार गाय को गौशाला भेजने का पत्र जारी कराया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दो गायों को वध के लिए ले जाने का आरोप लगाया गया था, वे गांव वालों की मदद से सुरक्षित बरामद की जा चुकी हैं।

प्रधान ने आरोप लगाया कि उनकी छवि धूमिल करने की नीयत से सोची-समझी साजिश रची गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को कार्तिक 20–25 युवकों के साथ गांव पहुंचा और उन्हें बुलाने लगा। ग्रामीणों ने स्थिति बिगड़ने के डर से प्रधान को आगाह किया। फोन पर गाली-गलौज और झूठे आरोप भी लगाए गए। प्रधान ने कहा कि यदि आरोप लगाने वालों को भरोसा होता तो वे मुकदमा दर्ज कराते, लेकिन यह केवल दवाब बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि उनके और आरोप लगाने वाले की बातचीत की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।

गांव निवासी सोनवीर सिंह ने भी प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि लगाए गए आरोप निराधार हैं और जांच में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा। ग्राम युवा अमन का कहना है कि एक बाहरी व्यक्ति द्वारा प्रधान को बदनाम करने का प्रयास किया गया है, जबकि दोनों गाय गांव में सुरक्षित मौजूद हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वही व्यक्ति दोबारा सरकारी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश में है और कुछ हिस्से पर सरसों भी बो रखी है।

ग्रामवासियों ने मांग उठाई है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो। मौके पर कृष्णपाल, अमन, राहुल, काकू, विजय पाल, बंटी, राजू, सोनू, नन्हा, पंकज, विशेष सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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