उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की गाड़ी पर ओवरस्पीडिंग का आठ लाख रुपये का चालान कटने से सियासी हलचल तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस चालान पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को कोई सुविधा नहीं दे रही है, लेकिन उनसे तरह-तरह के बहाने बनाकर पैसा वसूला जा रहा है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की तरफ से उन्हें जो गाड़ी दी गई है, वह चलने लायक नहीं है और इसी खटारा गाड़ी का भारी-भरकम चालान काटा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चालान काटने वाले सिस्टम को भारतीय जनता पार्टी के लोग चला रहे हैं और पूरे काफिले का चालान काटा जा रहा है। अखिलेश ने यहां तक कहा कि चालान करने वाले लोग मुख्यमंत्री के सजातीय हो सकते हैं और अब वह इसे ट्रेस करेंगे।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी “इस्तेमाली पार्टी” है, जो पहले इस्तेमाल करती है और बाद में बर्बाद कर देती है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी किसी की सगी नहीं है और आम जनता से केवल वसूली करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चालान दिखाने के बाद उन्होंने अपने साथियों से कहा, “दे दो 8 लाख रुपये,” लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि सिस्टम को पूरी तरह से बीजेपी नियंत्रित कर रही है। वहीं, बलिया से बीजेपी विधायक केतकी सिंह के मामले पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर उन्हें बेटी का दुख है तो उन्हें दूसरों की बेटियों का भी दुख समझना चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि उनके ऊपर टोटी चोरी जैसे झूठे आरोप लगाए गए थे, यहां तक कि उनके घर को गंगाजल से धुलवाया गया। उन्होंने कहा कि बीजेपी भूल सकती है लेकिन वह इन घटनाओं को कभी नहीं भूलेंगे।
उधर, बलिया में बीजेपी विधायक केतकी सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियों के आरोप में तीन लोगों पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी गई और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। अखिलेश के बयान और बीजेपी विधायक के मामले ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमी बढ़ा दी है।















