रमज़ान में मुस्लिम कर्मचारियों को कार्य समय में छूट देने की AIMIM की मांग, सीएम रेखा गुप्ता को लिखा पत्र,

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की दिल्ली विंग राजधानी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की है कि रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को काम के घंटों में छूट दी जाए. दिल्ली में AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष डॉ शोएब जामई ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर ये मांग की है.चिट्ठी में शोएब जामई ने कहा है कि रमजान के पाक महीने में शाम को ट्रैफिक ज्यादा होने की वजह से कई मुस्लिम सरकारी कर्मचारी अपने घर इफ्तार के समय नहीं पहुंच पाते. इस समस्या को ध्यान में रखते हुए हम आपसे निवेदन करते हैं कि रमजान के महीने में दिल्ली के मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस अवर्स में छूट दी जाए.

रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को अक्सर मिलती है छूट

शोएब जामई द्वारा की गई मांग कोई नई नहीं है. अक्सर मुस्लिम कर्मचारियों को इफ्तार के समय तक घर पहुंचने के लिए ऑफिस के घंटों में कई प्रदेशों को सरकारें छूट देती हैं. तेलंगाना सरकार ने मंगलवार को अपने मुस्लिम कर्मचारियों को रोजा खोलने और रमज़ान की खास नमाज में शामिल होने के लिए एक घंटा पहले, शाम 4 बजे काम छोड़ने की इजाज़त देने का फ़ैसला किया है.सिर्फ तेलंगाना ही नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने भी राज्य के सभी डिपार्टमेंट, जिसमें गांव और वार्ड सेक्रेटेरिएट शामिल हैं में मुस्लिम कर्मचारियों को काम में यह छूट दी है.

रमजान का महीने

18 फरवरी से इस्लामिक कैलेंडर का पवित्र महीना रमजान शुरू हो गया है. इस दौरान मुस्लिम सूर्य निकलने से पहले से लेकर छिपने तक वृत (रोजा) रखते हैं. इस दौरान वह खाने और पानी से दूर रहते हैं और शाम को इफ्तार से अपना रोजा खोलते हैं. 12 से 15 घंटों बिना खाए पिए रहने के बाद मुस्लिम कर्मचारी अपने घर इफ्तार के लिए समय पर पहुंच सके इसलिए काम से एक से दो घंटा पहले उन्हें छूट देने की मांग की जाती रही है.

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