एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैम्पबेल विल्सन ने कहा कि जून में हुई विमान दुर्घटना यात्रियों, उनके परिवारों और एयरलाइन के कर्मचारियों के लिए बेहद विनाशकारी रही। उन्होंने बताया कि एयरलाइन प्रभावित परिवारों की आगे की यात्रा को सहज बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन में विल्सन ने कहा कि दुर्घटना की अंतरिम जांच रिपोर्ट से यह संकेत मिला है कि विमान, इंजन या एयरलाइन के संचालन में कोई तकनीकी खामी नहीं थी। भारत में दुर्घटना के बाद अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि एयर इंडिया जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और यदि उससे कोई सबक मिलता है, तो कंपनी उसे अपनाएगी। गौरतलब है कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान, उड़ान संख्या AI171, अहमदाबाद से लंदन जाते समय हादसे का शिकार हो गया था। इस भीषण दुर्घटना में 241 यात्रियों सहित कुल 260 लोगों की मौत हो गई थी।
एअर इंडिया के CEO ने और क्या कहा?
विल्सन ने कहा कि यह घटना में शामिल लोगों, उनके परिवारों और कर्मचारियों के लिए बेहद विनाशकारी थी. तब से हम प्रभावित लोगों, परिवारों और ज़मीनी स्तर पर मौजूद लोगों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं और उनकी आगे की यात्रा को आसान बनाने के लिए हम जो कुछ भी कर सकते हैं कर रहे हैं.
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने दुर्घटना पीड़ितों और अन्य लोगों के लिए अंतरिम मुआवज़ा देने का काम पूरा कर लिया है और अंतिम मुआवज़े पर काम कर रही है. विल्सन राष्ट्रीय राजधानी में एविएशन इंडिया और दक्षिण एशिया 2025 सम्मेलन में बोल रहे थे. विल्सन के अनुसार, उद्योग में जो कुछ भी होता है, चाहे वह एअर इंडिया के साथ हो या अन्य के साथ, आत्मनिरीक्षण का कारण बनता है.















