14 साल बाद 3 हत्यारों को 7-7 साल की जेल .

बांदा। कानून के लंबे हाथों से कोई नहीं बच सकता। ये साबित कर दिया बांदा पुलिस ने। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के शिकंजे में फंसे गैर इरादतन हत्या के 3 गुनहगारों को 14 साल बाद आखिर सजा मिल ही गई। साल था 2012 थाना कोतवाली नगर में धारा 304/34 के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोप था गैर इरादतन हत्या का। फाइलों में दबा ये केस ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ की आंधी में खुला, और फिर शुरू हुई इंसाफ की जंग।एसपी पलाश बंसल की टीम की तगड़ी विवेचना और कोर्ट में दमदार पैरवी के आगे गुनहगार टिक नहीं पाए। न्यायालय ने तीनों को 7-7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुना दी। साथ ही 15 हजार का जुर्माना भी भरने को कहा।
चुनकावन और उसकी पत्नी माया शांति नगर के ये पति-पत्नी अब 7 साल तक शांति से नहीं रह पाएंगे।गुलाब पुत्र बोधन- बड़ागांव, बिसंडा का ये तीसरा साथी भी अब जेल की हवा खाएगा।एसपी पलाश बंसल ने कहा कि पुराने केस में मजबूत सबूत जुटाना, ताबड़तोड़ सजा दिलाना हमारा कर्तव्य है। बांदा पुलिस का संदेश साफ है-जुर्म किया है तो बचना नामुमकिन है। एक-एक फाइल खुलेगी, एक-एक गुनहगार जेल जाएगा।

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