मुजफ्फरनगर। जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में जनपद स्तर पर गठित बाढ़ स्टेयरिंग ग्रुप की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने बाढ़ से संबंधित तैयारियों और विभागीय कार्य योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ की स्थिति में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि न होने पाए और सभी विभाग समय रहते अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित होने की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों की स्थापना, राहत शिविरों और आश्रय स्थलों की व्यवस्था, तटबंधों की स्थिति तथा बाढ़ के दौरान फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपायों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो उससे निपटने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। तहसीलों में उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ से पूर्व की जा रही तैयारियों और आवश्यक व्यवस्थाओं का समय-समय पर स्थलीय निरीक्षण करें और किसी भी कमी को तुरंत दूर कराएं।
नगर पालिका, नगर पंचायत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नालों और नालियों की समय पर सफाई कराने पर विशेष जोर दिया गया ताकि जलभराव या जलप्लावन की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति बनते ही प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सामग्री वितरित की जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए गए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाली सड़कों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराया जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में आवागमन बाधित न हो।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में 98 आपदा मित्रों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और आवश्यकता पड़ने पर उनकी तैनाती की जाएगी। सभी उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में गोताखोरों की सूची तैयार करने और अस्थायी पंपिंग सेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए टीकाकरण, चारे और चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि स्कूलों में बच्चों को बाढ़, भूकंप, आग और अन्य आपदाओं के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, इसकी जानकारी दी जाए, ताकि बच्चे किसी भी आपदा के समय घबराएं नहीं और अपने बचाव के उपायों को समझ सकें। बैठक में एसडीएम सदर प्रवीण कुमार द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग कुमार, डीआरडीए के पीडी दिग्विजय नाथ, सीडीपीओ संतोष कुमार शर्मा, बीडीओ अक्सीर खान, सिंचाई विभाग के अभियंता अनस अली खान, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एस.के. तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता, राहत सहायक नासिर हुसैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।














