दिल्ली। नोएडा में गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दिल्ली के जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर में इसी तरह का एक और दर्दनाक हादसा सामने आ गया।मुख्य सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत हो गई। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधीन मुख्य सड़क को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने खोदा था।
आरडब्ल्यूए ने कई बार की थी शिकायत
स्थानीय आरडब्ल्यूए ने इस खतरनाक गड्ढे को लेकर कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गड्ढे को ठीक से बैरिकेड नहीं किया गया, जिससे यह “मौत का जाल” बन गया।उन्होंने लिखा कि एक “मासूम रोज़ी-रोटी कमाने वाला” बाइक सवार गहरे गड्ढे में गिरकर फंस गया, रातभर वहीं पड़ा रहा और उसकी मौत हो गई।भारद्वाज ने मृतक के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि सोचिए, उसके छोटे-छोटे बच्चे और परिवारजन पूरी रात उसके घर लौटने का इंतजार करते रहे होंगे, और अब वे जिंदगी भर इंतजार करेंगे।

आप नेता ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में सरकारी लापरवाही के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई नालों में डूबा, कोई दीवार गिरने से मरा, कोई खुले सीवर मैनहोल में गिरा, किसी की करंट लगने से मौत हुई, तो कोई यमुना में डूब गया या आग की घटनाओं का शिकार हुआ।
आम नागरिकों की मौतों को अनदेखा करने का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम नागरिकों की मौतों की अनदेखी कर रही है और केवल अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मुआवजा व नौकरी दे रही है। उन्होंने इसे “शर्मनाक” बताया।फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना ने एक बार फिर राजधानी में सड़कों की हालत, विभागों के समन्वय और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा – आशीष सूद
हादसे पर दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मैंने तुरंत जलबोर्ड के इस काम की सभी सावधानियों की जांच करने का निर्देश दिया है। अगर किसी की कोई कमी पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस CCTV की जांच कर रही है, कैसे दुर्घटना हुई इसकी जांच चल रही है। जांच में अगर किसी अधिकारी की कमी पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
















