शेख हसीना के तख्तापलट में अहम भूमिका निभाने वाले आसिफ महमूद भुइयां भ्रष्टाचार के मामले में फंस गए हैं. बांग्लादेश की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने आसिफ के खिलाफ जांच शुरू कर दी है. जांच इकाई के एक अधिकारी ने बताया कि अंतरिम सरकार में आसिफ खेल मंत्री (सलाहकार) थे. इस दौरान ठेकों और नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ. आसिफ के साथ चार और लोग भी इसमें शामिल थे.बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो के मुताबिक, आसिफ शेख हसीना के खिलाफ हुए जुलाई विद्रोह का प्रमुख चेहरा थे. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में जब अंतरिम सरकार बनी, तब आसिफ को खेल एवं युवा मामलों का मंत्री बनाया गया. आसिफ करीब 16 महीने तक सरकार में मंत्री रहे.
नाहिद और आसिफ विद्रोह के चेहरे थे
2024 के मध्य में बांग्लादेश में शेख हसीना के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन हुआ था. नाहिद इस्लाम और आसिफ महमूद इस प्रोटेस्ट को लीड कर रहे थे. जुलाई के आखिर में यह प्रदर्शन हिंसक हो गया. 5 अगस्त को शेख हसीना का तख्तापलट हो गया. शेख हसीना का कहना था कि इन लोगों को अमेरिका ने फंड किया था.शेख हसीना की सरकार जाने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया. नाहिद और आसिफ को सरकार में सलाहकार (मंत्री) का पद दिया गया. इस वक्त दोनों नेशनल सिटीजन पार्टी चलाते हैं.
सवाल- आसिफ महमूद कौन हैं?
28 साल के आसिफ महमूद का जन्म कोमिला जिले में हुआ था. ढाका यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के बाद आसिफ छात्र राजनीति में आ गए. इसी दौरान छात्रों ने शेख हसीना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आसिफ पहले भी विवाद की वजह से सुर्खियों में रहे हैं.मार्च 2025 में आसिफ ने अपने विभाग का ठेके अपने पिता को दे दिया था. इसके कारण सरकार की किरकिरी हुई थी. इतना ही नहीं, एक बार एयरपोर्ट पर गन ले जाने के कारण भी आसिफ को लेकर सरकार मुसीबत में फंसी.अब तारिक रहमान की सरकार ने आसिफ के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच बैठा दी है.























































