बांदा। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चल रहे ऑपरेशन कॉन्विक्शन अभियान के तहत बांदा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 23 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने तीन अभियुक्तों को 7-7 साल के कठोर कारावास और 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला गिरवा थाना क्षेत्र के एससीएसटी एक्ट से जुड़ा है। बांदा पुलिस की प्रभावी विवेचना और सशक्त पैरवी के चलते न्यायालय ने अभियुक्त रामबरन, उदयभान और सुरेन्द्र पुत्रगण सियाराम निवासी ग्राम मकरी, थाना गिरवां को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। इस सफलता में विशेष लोक अभियोजक महेन्द्र द्विवेदी व विमल सिंह, विवेचक सीओ रणधीर सिंह, कोर्ट मोहर्रिर आ0 पंकज कुमार और पैरोकार आ0 प्रदीप की अहम भूमिका रही। सज़ा के बाद एसपी पलाश बंसल ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य पुराने और गंभीर अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाना है। गिरवां के इस 23 साल पुराने मामले में हमारी टीम ने मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी से न्यायालय में दोषियों को सजा दिलाई। यह अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, बांदा पुलिस उसे सजा दिलाकर रहेगी।























































