बांदा। चित्रकूटधाम मण्डल के आयुक्त अजीत कुमार ने राजस्व वादों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरतने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग से जुड़े प्रकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।मण्डल के समस्त तहसीलदार, तहसीलदार न्यायिक एवं नायब तहसीलदारों के साथ राजस्व वादों के निस्तारण एवं राजस्व प्रशासन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मण्डल के चारों जनपदों में लंबित नामांतरण, पैमाइश, अवैध अतिक्रमण, कुर्राफाट, सीमांकन, राजस्व निरीक्षण और संभावित बाढ़ की तैयारियों पर चर्चा की गई।आयुक्त ने निर्देश दिए कि नामांतरण वादों के निस्तारण हेतु विशेष अभियान चलाया जाए। कोई भी नामांतरण वाद 45 दिवस से अधिक लंबित न रहे। प्रत्येक तहसीलदार नियमित समीक्षा करें और अनावश्यक देरी पर संबंधित का उत्तरदायित्व तय करें।05 वर्ष या उससे अधिक पुराने राजस्व वादों के लिए अलग कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। ऐसे वादों का विधिसम्मत, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए।भूमि विवादों के निस्तारण हेतु पैमाइश, सीमांकन और कुर्राफाट के वादों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। पैमाइश में रोवर तकनीक का अनिवार्य उपयोग हो, ताकि प्रक्रिया वैज्ञानिक और विवादरहित रहे। सभी राजस्व अधिकारियों व लेखपालों को इस तकनीक में दक्ष किया जाए।सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह और सार्वजनिक मार्गों पर अवैध अतिक्रमण पुलिस के समन्वय से तत्काल हटवाए जाएं। हर तहसील में नियमित अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अनुपालन आख्या भेजी जाए।आयुक्त ने कहा कि लेखपाल रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित रहें और मौके पर समस्याएं निपटाएं। रैण्डम जांच में अनुपस्थित पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई होगी।संभावित बाढ़ को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे, राहत शिविर, नाव, पेयजल, दवा, पशुचारा की व्यवस्था पहले से पूरी करने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर तैयार रखने को कहा।आयुक्त ने सभी न्यायिक अधिकारियों को नियमित कोर्ट लगाने, वादकारियों को अनावश्यक तिथि न देने और प्रत्येक वाद का निष्पक्ष निस्तारण करने को कहा। आयुक्त कार्यालय के पत्रों का समय-सीमा में अनुपालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।बैठक के अंत में आयुक्त ने कहा कि राजस्व विभाग जनता से सीधे जुड़ा है। सभी अधिकारी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता से काम करें। लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई तय है।























































