अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ शुरू होने वाली बातचीत के बारे में जानकारी दी. उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि चर्चा के रास्ते पहले से खुले हुए हैं और बातचीत आज दोपहर से यानी 3 अगस्त से शुरू होगी. उन्होंने कहा हम देखेंगे कि ये कैसी रहती है? मैं सच कहूं तो, इससे बहुत सारी जानें बचेंगी और बहुत सारी बेकार की ताकत का इस्तेमाल नहीं होगा. हम जब चाहें तब आगे बढ़ने को तैयार हैं. वे युद्ध या हिंसा नहीं चाहते, क्योंकि उसमें बहुत सारे लोग मर जाते हैं. वे समझौता (डील) करना पसंद करेंगे. उन्होंने बताया कि ईरान और कुछ अन्य देशों ने खुद अमेरिका से बातचीत शुरू करने को कहा है, इसलिए वे बातचीत के लिए तैयार हैं.ट्रंप ने बातचीत में बताया कि सऊदी अरब, यूएही, कतर और ईरान के साथ हुई बातचीत के कारण ही उन्होंने शुक्रवार को होने वाले “बड़े हमले” को रोक दिया. ट्रंप ने ये भी संकेत दिया कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के प्रबंधन को लेकर कोई समझौता हो सकता है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के परमाणु-निरस्त्रीकरण (denuclearisation) को लेकर भी एक समझौता किया जाएगा.
होर्मुज स्ट्रेट पर बातचीत बनाने पर जोर
कूटनीति की तरफ ये अचानक रुख ऐसे समय में आया है जब मध्यस्थ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता फिर से खोलने की कोशिश कर रहे हैं. रविवार को इजरायली मीडिया ने बताया कि क्षेत्रीय मध्यस्थ पिछले महीने हुए समझौते को फिर से लागू करना चाहते हैं, ताकि महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता 60 दिन तक खुला रहे. साथ ही इस रास्ते पर आवाजाही के लिए किसी तरह की कोई फीस न लगे. इसी तरह, ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि समुद्री रास्ते के चलाने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत भी आखिरी स्टेज तक पहुंच चुकी है.
पहले टूट चुका है समझौता
शुरुआती समझौता पहले ही टूट गया था. ट्रंप का कहना था कि रास्ता हमेशा खुला रहेगा. तेहरान का मानना था कि उस रास्ते पर उनका पूरा अधिकार बना रहेगा. इस हफ्ते पर्दे के पीछे की बातचीत ने युद्ध रोकने में बड़ी मदद की. कतर के अधिकारियों ने ईरान, अमेरिका और ओमान से बात की. उन्होंने शनिवार को ट्रंप को बताया कि ईरान ने स्ट्रेट वाला प्रस्ताव मान लिया है. सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ट्रंप से फोन पर बात की और सैन्य कार्रवाई न करने को कहा.इन बातों के बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि वो हमले रोक रहे हैं. उन्होंने शिपिंग मार्ग और परमाणु मुद्दे में प्रगति का हवाला दिया. यहां रविवार रात कोई हमला नहीं हुआ. वहीं ईरानी सैन्य नेताओं ने ट्रंप के दावे को झूठ बताया. तेहरान के एक सूत्र ने कहा कि स्ट्रेट पर अभी तक कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है.























































