बच्चों में लिवर की बिगड़ी हुई हेल्थ के इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

बिगड़े हुए लाइफस्टाइल और खराब खानपान का असर छोटे बच्चों पर भी है. चिप्स, चॉकलेट और दूसरे स्नैक्स के बिना अधिकतर बच्चों का दिन पूरा नहीं होता. पेरेंट्स प्यार और दुलार में उन्हें ये चीजें खिला देते हैं. पर ये आदत उन्हें कम उम्र में ही लिवर की बिगड़ी हुई हेल्थ का शिकार बना रही है. एक समय था जब जंक फूड ही बड़ा कारण हुआ करते थे लेकिन अब अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड भी इस लिस्ट में जुड़ गए हैं. फूड्स की शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए इनमें प्रिजर्वेटिव होते हैं और ये शरीर को धीरे-धीरे अंदर से खराब करते हैं.बच्चों हो या बड़े हर किसी के लिए मार्केट में ऐसे फूड्स मौजूद हैं. खानपान की बुरी आदतों के अलावा आज बच्चे कम फिजिकली एक्टिव रहते हैं. ऐसे में लिवर का फैटी होना या इसकी बिगड़ी हुई हेल्थ परेशान करने लगती है. चलिए आपको बताते हैं बच्चों में लिवर की बिगड़ी हुई हेल्थ के किन संकेतों को भूल से भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

बच्चों में लिवर की बिगड़ी हुई सेहत के संकेत

डॉक्टर अजय कुमार, पीडियाट्रिशियन, केडिएसजी हॉस्पिटल का कहना है कि अगर बच्चे की आंखों में पीलापन नजर आ रहा है तो इसे इग्नोर न करें. ये लिवर की बिगड़ी हुई हेल्थ का एक बड़ा संकेत है. इसके अलावा और भी कई लक्षण नजर आते हैं. इसमें ​उल्टी आना/उल्टी करने का मन करना, ​पेट के ऊपर & दायें हिस्से में दर्द होना, ​भूख कम लगना और पेट फूलना शामिल है.

​अगर लिवर की हालत ज्यादा खराब हो तो

एक्सपर्ट कहते हैं कि अगर बच्चे के लिवर की हेल्थ हद से ज्यादा खराब हो तो दूसरी गंभीर समस्याएं शरीर में नजर आने लगती हैं. डॉक्टर कहते हैं कि इस कंडीशन में पेट में पानी भरना, ​पूरे शरीर में सूजन आ जाना, ​पाखाने में खून आना या शरीर के किसी हिस्से से खून निकलना और दौरे आना, जैसी दिक्कतें होने लगती हैं.बच्चों को बाहर या पैकेट वाली चीजें रोजाना खिलाने से लिवर बहुत बीमार हो जाता है. ऐसे में पैरों में सूजन इस कदर बढ़ जाती है कि स्किन से पानी तक निकलने लगता है.

इन बातों का रखें ध्यान

बच्चे के लिवर की बीमारी का कारण (जैसे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, संक्रमण या जन्मजात लिवर रोग) जानना जरूरी है, क्योंकि देखभाल उसी के अनुसार तय होती है।लिवर के खराब या बिगड़ी हुई हेल्थ के पीछे कारण फैटी होना, हेपेटाइटिस, इंफेक्शन या जेनेटिक वजह हो सकती हैं. डॉक्टरी इलाज के अलावा उसके खानपान का खास ध्यान रखना चाहिए. इसमें उसे ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और उम्र के हिसाब से प्रोटीन देना चाहिए.हद से ज्यादा तला-भुना, पैकेज्ड-जंक फूड और शुगरी चीजें इस दौरान नहीं देनी चाहिए.एक्सपर्ट बताते हैं कि अपने हिसाब से दी गई एंटीबायोटिक्स और दूसरी पेन किलर भी लिवर की हेल्थ को कमजोर करती हैं. हमेशा पीडियाट्रिशन की सलाह पर ही बच्चों को दवा दें.सबसे जरूरी है कि पूरे दिन में बच्चे को खूब पानी पिलाएं. नारियल पानी बॉडी को हाइड्रेट रखने का बेहतरीन जरिया है. एक नारियल बच्चे को दिनभर में जरूर पिलाएं.

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