गर्मी हो या बरसात, जब भी झटपट कुछ स्वादिष्ट बनाने का मन करे तो उत्तर प्रदेश की मशहूर तहरी से बेहतर विकल्प शायद ही कोई हो. हल्दी वाला पीला रंग और देसी मसालों का जायका इसे साधारण पुलाव से अलग बनाता है. सबसे खास बात यह है कि यह वन–पॉट मील मिनटों में तैयार हो जाती है, वो भी बिना ज्यादा मेहनत के.
चावल भिगोने से शुरू होती है असली तैयारी
तहरी बनाने की सबसे पहली और जरूरी स्टेप है बासमती चावल को अच्छी तरह धोकर करीब 15 मिनट पानी में भिगोकर रखना. इस दौरान आलू, गाजर, मटर, फूलगोभी जैसी अपनी पसंदीदा सब्जियों को मोटा–मोटा काट लें, ताकि पकने के बाद भी उनका आकार बना रहे और तहरी देखने में भी आकर्षक लगे.
खड़े मसालों से आती है असली देसी खुशबू
कुकर या भारी तले के बर्तन में तेल गरम कर उसमें तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग, इलायची जैसे खड़े मसाले डाले जाते हैं. इसके बाद प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूना जाता है. यही खड़े मसाले तहरी को उसकी पहचान वाली गहरी खुशबू और स्वाद देते हैं, जो इसे आम पुलाव से अलग बनाता है.
सब्जियां और मसाले भूनना है सबसे अहम स्टेप
प्याज सुनहरा होने के बाद इसमें कटी हुई सारी सब्जियां डाली जाती हैं, साथ ही हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर जैसे सूखे मसाले भी मिलाए जाते हैं. इस मिश्रण को करीब 5 मिनट तक अच्छी तरह भूना जाता है, ताकि मसालों का कच्चापन पूरी तरह निकल जाए और सब्जियां हल्की सी नरम हो जाएं.
चावल डालकर भूनना न भूलें
सब्जियां भूनने के बाद इसमें भीगे हुए चावल डाले जाते हैं और फिर से 4-5 मिनट तक हल्के हाथों से भूना जाता है. यह स्टेप बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे चावल का हर दाना मसालों की खुशबू सोख लेता है और पकने के बाद भी चावल आपस में चिपकते नहीं, बल्कि खिले–खिले बनते हैं.
सही मात्रा में पानी और सही समय पर सीटी
चावल भूनने के बाद जरूरत के अनुसार पानी डाला जाता है और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. कुकर का ढक्कन बंद कर मध्यम आंच पर 2-3 सीटी आने तक पकाया जाता है. सीटी के बाद कुकर को अपने आप प्रेशर छोड़ने दें, इससे चावल ज्यादा नहीं पकता और तहरी का टेक्सचर बेहतर बना रहता है.
हरा धनिया और नींबू से मिलता है परफेक्ट फिनिशिंग टच
तहरी तैयार होने के बाद ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें और चाहें तो नींबू का रस भी निचोड़ लें, इससे स्वाद और भी निखर जाता है. इसे रायते या पापड़ के साथ गरमागरम सर्व करें, यकीन मानिए मेहमान इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे.























































