मुजफ्फरनगर। भारत की जनगणना-2027 के तहत जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) के भाग-1, ग्राम एवं नगर निर्देशिका के आंकड़ों के सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध संकलन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने की। प्रशिक्षण में लखनऊ से आए विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने जनगणना प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी पहलुओं, निर्धारित प्रपत्रों को भरने की विधि तथा आंकड़ों के संकलन की मानक प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में जिले के सभी उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी तथा जनगणना कार्य से जुड़े अन्य प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति और प्रोजेक्टर के माध्यम से ग्राम एवं नगर निर्देशिका के प्रत्येक कॉलम को विस्तार से समझाया। अधिकारियों को बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक गांव और जिले की सभी नगर पालिका परिषदों तथा नगर पंचायतों से संबंधित निर्धारित प्रपत्रों में जनसंख्या, लिंगानुपात, जनसंख्या वृद्धि दर, भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल, जलवायु, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, सड़क संपर्क, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, उद्योग, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सुविधाओं सहित सभी आवश्यक आंकड़ों का सही और प्रमाणिक संकलन किया जाना है। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्रित होने वाले आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और सरकारी नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बनते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचना आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनगणना के प्रथम चरण को निर्धारित समय-सीमा में सफलतापूर्वक पूरा करने पर सभी चार्ज अधिकारियों एवं सहायक चार्ज अधिकारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब दूसरे चरण की शुरुआत से पहले प्रत्येक अधिकारी जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का गहन अध्ययन करे और प्रशिक्षण में दी गई सभी जानकारियों को गंभीरता से समझे। यदि किसी प्रकार की तकनीकी शंका हो तो उसे तत्काल प्रशिक्षकों से दूर कर लिया जाए, ताकि आंकड़ों के संकलन में किसी भी स्तर पर त्रुटि न हो। उन्होंने जनगणना को देश के विकास की आधारशिला बताते हुए सभी अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करने तथा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों का मार्गदर्शन करते हुए निर्धारित समय के भीतर सभी प्रपत्रों का सत्यापन और संकलन पूर्ण कराने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण के समापन पर अधिकारियों ने जनगणना-2027 को सफल बनाने के लिए समन्वित और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का संकल्प लिया।























































