नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे, जहां उन्हें दिल्ली पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। घटना के दौरान अखिलेश यादव ने पुलिस अधिकारियों से सवाल किया, “कहां ले जा रहे हो?” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई।
दिल्ली में छात्रों का समर्थन कर रहें माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी को पुलिस द्वारा डिटेन किया जाना अति निंदनीय है।
लोकतंत्र की है हत्यारी
भाजपा सरकार अत्याचारी pic.twitter.com/nUFE3gwr7l— Samajwadi Party (@samajwadiparty) July 21, 2026
जानकारी के अनुसार, अखिलेश यादव छात्र आंदोलन का समर्थन करने और प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने पहुंचे थे। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें प्रदर्शन स्थल की ओर जाने से रोक दिया। इसी दौरान पुलिस और अखिलेश यादव के बीच संक्षिप्त बातचीत हुई, जिसका वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।समाजवादी पार्टी ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को छात्रों से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। पुलिस के अनुसार, हालात को नियंत्रित रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।घटना के बाद छात्र आंदोलन को लेकर सियासी माहौल और गर्म हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।























































