मुजफ्फरनगर। विश्व युवा कौशल दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मुजफ्फरनगर के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय आईटीआई परिसर स्थित सभागार में एक दिवसीय बृहद रोजगार मेले का आयोजन किया गया। रोजगार मेले में जिले के युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों ने उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। प्रधानाचार्य राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान ने बताया कि इस रोजगार मेले में कुल 12 प्रतिष्ठित निजी कंपनियों ने प्रतिभाग किया, जबकि लगभग 450 अभ्यर्थियों ने रोजगार पाने की उम्मीद के साथ अपना पंजीकरण कर साक्षात्कार दिया। विभिन्न कंपनियों के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों की योग्यता, तकनीकी दक्षता और कौशल का मूल्यांकन करने के बाद 143 युवाओं का चयन किया, जिन्हें रोजगार के बेहतरीन अवसर प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल और मुख्य विकास अधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर दोनों अतिथियों ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी और डिजिटल कौशल से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण ही युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर दिला सकते हैं। ऐसे रोजगार मेले प्रशिक्षित युवाओं और उद्योगों के बीच मजबूत कड़ी का कार्य करते हैं तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने कौशल को लगातार विकसित करने और नई तकनीकों को सीखने का आह्वान किया, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव कुमार, सदस्य बाल कल्याण समिति ने किया। रोजगार मेले में विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने युवाओं को अपनी कंपनियों में उपलब्ध पदों, कार्य संस्कृति, वेतनमान और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी भी दी। चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे पर रोजगार मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम के समापन पर जिला समन्वयक (कौशल विकास मिशन) एवं नोडल प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई मुजफ्फरनगर मुकेश प्रताप सिंह ने सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिभागी युवाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिले के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाएगा, जिससे कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सीधे उद्योगों में रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।























































