विकास कार्यों में लापरवाही पर सख्त चेतावनी, मंडलायुक्त ने करोड़ों की परियोजनाओं की प्रगति परखी

मुजफ्फरनगर के विकास भवन सभागार में सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में विकास कार्यों एवं एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की बी, सी और डी श्रेणी की योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ विभिन्न विभागों द्वारा संचालित वृहद निर्माण परियोजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों का नियमित निरीक्षण करने तथा उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि जिन योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं है, उन्हें तत्काल गति प्रदान की जाए ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके। उन्होंने एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाएं।

बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल निगम, विद्युत विभाग तथा अन्य कार्यदायी संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचना चाहिए। यदि धन आवंटन के बावजूद कार्यों में देरी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों में बरसात के मौसम को देखते हुए नालों-नालियों की सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा झाड़ियों की कटाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को मलेरिया एवं अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए मुख्य विकास अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के उपरांत मंडलायुक्त ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में निर्माणाधीन प्रशासनिक, शैक्षिक, कैंटीन एवं आवासीय भवनों का निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में निर्माणाधीन पंचकर्म चिकित्सालय इकाई का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा तथा मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर देशभूषण कंडारकर ने पौधारोपण कर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों और कार्यदायी संस्थाओं को सौंपी। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, अभियंता, डायट के प्राचार्य तथा संस्थान के प्रवक्ता एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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