अगर आपका नाम आयुष्मान भारत योजना की सूची में शामिल नहीं है, तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. उत्तर प्रदेश में इन दिनों पात्र लोगों को योजना से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर आयुष्मान कार्ड बनाने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत आम लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है.स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने प्रदेश के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस सुनहरे मौके का लाभ उठाएं और नजदीकी स्वास्थ्य कैंप में जाकर अपना आयुष्मान कार्ड जरूर बनवाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हर साल ₹5 लाख तक की बड़ी सामाजिक स्वास्थ्य सुरक्षा मिलती है.
“मैं उत्तर प्रदेश के सभी सम्मानित जनों से अपील करता हूं कि 15 मई से 14 अगस्त 2026 तक आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आप सभी पात्रजन अपने नजदीकी स्वास्थ्य कैम्प पर जाकर कार्ड बनवा सकते हैं। 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी वृद्धजनों के लिए कार्ड अनुमन्य है।”… pic.twitter.com/A586S580Yr
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) June 9, 2026
उत्तर प्रदेश में चल रहा है विशेष कार्ड अभियान
स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 15 मई से 14 अगस्त 2026 तक विशेष कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान पात्र लोगों का पंजीकरण किया जाएगा और छूटे हुए परिवारों को योजना से जोड़ा जाएगा. इस योजना के तहत अब 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को भी आयुष्मान कार्ड का लाभ दिया जा रहा है. ऐसे वरिष्ठ नागरिक भी अपना कार्ड बनवाकर मुफ्त इलाज की सुविधा ले सकते हैं.
कैंप में ऐसे बनवाएं अपना आयुष्मान कार्ड
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आप अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या गांव-मोहल्ले में लगाए गए विशेष आयुष्मान स्वास्थ्य कैंप में जा सकते हैं. कैंप में जाते समय अपना आधार कार्ड, राशन कार्ड और मोबाइल नंबर अपने साथ ले जाना जरूरी है इसे बिल्कुल न भूलें. वहां मौजूद अधिकारी आपके दस्तावेजों की जांच करेंगे, बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) प्रक्रिया पूरी करेंगे और आपकी ई-केवाईसी के बाद कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी कर देंगे.
बिना सूची में नाम के कैसे बनवाए कार्ड?
सरकार ने अब कई नई श्रेणियों को योजना से जोड़ा है, जिनमें अंत्योदय कार्ड धारक, निर्माण श्रमिक और वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं. अगर किसी व्यक्ति को अपना नाम सूची में खोजने में परेशानी हो रही है, तो वह कैंप या अस्पताल में तैनात मौजूद ‘आयुष्मान मित्र’ से अपनी पात्रता की जांच करवा सकता है. इस विशेष अभियान के जरिए सरकार उन छूटे हुए पात्र परिवारों को भी योजना में शामिल कर रही है, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक इसका लाभ नहीं ले पाए हैं.
आयुष्मान कार्ड से मिलेंगे ये फायदे
आयुष्मान कार्ड बनने के बाद आपको और आपके परिवार को हर साल ₹5 लाख तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज मिल सकता है. कार्ड बन जाने के बाद आप देश और राज्य के किसी भी सूचीबद्ध सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में फ्री इलाज करा सकते हैं.
इस योजना में ऑपरेशन, डॉक्टर की फीस, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च और दवाइयों समेत अस्पताल से जुड़ी कई जरूरी सेवाओं का खर्च सरकार उठाती है. इससे जरूरतमंद परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से राहत मिलती है.















