मुजफ्फरनगर। जनपद में साइबर अपराध की रोकथाम एवं साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध रविन्द्र प्रताप सिंह एवं थाना साइबर क्राइम प्रभारी कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत उस समय हुई जब पीड़ित को फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट प्राप्त हुई। रिक्वेस्ट भेजने वाली महिला ने स्वयं को गीतिका कपूर उर्फ “जीजी” बताया और धीरे-धीरे बातचीत के माध्यम से पीड़ित का विश्वास जीत लिया। आरोपी ने भावनात्मक संबंध स्थापित करते हुए पीड़ित को ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया। इसके बाद उसे डीजीएक्ससी (DGXC) नामक वेबसाइट पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उसमें फर्जी निवेशकों और काल्पनिक लाभ के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन माध्यमों से पीड़ित को यह विश्वास दिलाया गया कि निवेश करने पर उसे भारी मुनाफा प्राप्त होगा। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग तिथियों में कुल 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा दिए।ठगी को और विश्वसनीय बनाने के लिए वेबसाइट पर करोड़ों रुपये का फर्जी लाभ प्रदर्शित किया गया। जब पीड़ित ने अपनी धनराशि निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने “फाइनल वेरिफिकेशन”, “डेटा रिपेयरिंग”, “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस” और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं का हवाला देकर उससे और धन जमा कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। लगातार मांग किए जाने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है तथा पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कार्रवाई जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अजनबियों के झांसे में न आएं और किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।















