TMC में टूट के बाद DMK को लेकर इंडिया ब्लॉक का बड़ा फैसला, स्टालिन को मनाएगी कांग्रेस,

मिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का एक धड़ा सुपरस्टार विजय की TVK गठजोड़ चाहता था, इसके बावजूद DMK कांग्रेस को सत्ता में शामिल करने को तैयार नहीं थी. लेकिन पुराने साथ के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने DMK के साथ जाने का फैसला किया.चुनाव में DMK गठजोड़ की हार हुई. विजय सत्ता के करीब थे, तो महज 5 विधायको वाली कांग्रेस ने विजय को समर्थन देकर दो मंत्री पद और एक राज्यसभा हासिल कर ली.

ऐसे में नाराज DMK ने कांग्रेस पर दगाबाजी का इल्जाम लगा इंडिया ब्लॉक छोड़ दिया. कांग्रेस को TVK में भविष्य दिख रहा है, इसलिए सोमवार की बैठक में वो सहयोगी दलों के सामने TVK को इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बनाने का प्रस्ताव रखने वाली थी. लेकिन उससे पहले ही लेफ्ट समेत कई सहयोगी दलों ने कहा कि DMK को इंडिया ब्लॉक में वापस लाना होगा. डीएमके ने परिसीमन, सेकुलरिज्म और बीजेपी विरोध का झंडा उठाये रखा. साथ ही जिस तरह TMC के सांसदों में टूट की खबरें हैं, ऐसे में DMK के सांसद बहुत मायने रखते हैं.

DMK को इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बताया

अगर कहीं नाराज होकर वो वोटिंग से अबस्टेन भी करने लगे, तो सरकार मनमाने बिल आराम से पास करा लेगी. इसी दबाव में कांग्रेस ने बैठक में TVK को इंडिया ब्लॉक में शामिल करने का प्रस्ताव नहीं रखा और रुख बदलते हुए राष्ट्रीय हित में DMK को इंडिया ब्लॉक का हिस्सा बताया. साथ ही उनकी नाराजगी दूर करने की बात कही. वहीं TVK को भी भविष्य में इंडिया ब्लॉक में शामिल किए जाने की बात की.

भविष्य में TVK होगा इंडिया ब्लॉक का हिस्सा

राज्यसभा सांसद और कांग्रेस महासचिव नासिर हुसैन ने कहा कि चुनाव के बाद गठबंधन में कुछ नए एडजस्टमेंट हुए हैं, जिससे डीएमके नाराज है. लेकिन वो इंडिया ब्लॉक का इंटीग्रल पार्ट है, उनकी नाराजगी दूर करेंगे. टीवीके अभी इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है, इसलिए उसे बैठक में आने का न्योता नहीं था. जब भविष्य में वो हिस्सा बनेंगे तो उनको न्योता दिया जाएगा.

इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस ढीले पड़े तेवर

दरअसल, इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद ये कांग्रेस के DMK को लेकर ढीले पड़े तेवर हैं, क्योंकि TMC में बड़ी टूट की आशंका के बीच 2029 तक संसद का अंकगणित उसको भी समझ आ रहा है. आखिर लोकसभा में 2029 तक तो TVK के पास कोई सांसद जो नहीं रहने वाला. ऐसे में कांग्रेस आलाकमान डीएमके से तमिलनाडु में ममता, लेफ्ट, कांग्रेस के रिश्तों का हवाला दे सकता है कि, वो राज्य की राजनीति को अलग रखें और केंद्र की अलग.

DMK को राज्य की राजनीति में नुकसान का डर

लेकिन सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस का DMK को छोड़कर टीवीके के साथ जाना उसे कतई बर्दाश्त नहीं. साथ ही वो उस गठबंधन हिस्सा नहीं बनना चाहती. जहां TVK हो. DMK को इस कदम से राज्य की राजनीति में नुकसान का डर सता रहा है. इसीलिए उसने आनन-फानन में इंडिया ब्लॉक छोड़ा. साथ ही संसद में बैठने के लिए इंडिया ब्लॉक से अलग सीटों की मांग कर दी. ऐसे अब कांग्रेस आलाकमान को इस उलझन को सुलझाना एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकता है.

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