मुजफ्फरनगर | दरगाह ए आलिया बाबुल हवाई बघरा में शुक्रवार को ईद-ए-ग़दिर का जश्न मनाया गया, ईद ए गदीर इस लिए मनाई जाती है कि आलम ए इस्लाम में आज ही के दिन हजरत अली (अo सo) की खिलाफत का ऐलान किया गया था हज़रत मोहम्मद (सoअo) ने हज़रत अली को सत्ता सोपी और अपने बाद उत्तर अधिकारी घोषित किया हर साल इस मौके पर शिया समुदाय ईद का जश्न मनाता है नए कपड़े पहनता है मिठाइयां बाटते है और हजरत अली के लिए शेरो शायरी और कसीदे पढ़े जाते हैं, मौलाना शमशाद अहमद गोपालपुरी कहते है, किसी को मौला बनया गया ग़दिर के दिन किसी पे अर्श से पत्थर पडा ग़दिर के दीन, तमाम अम्बिया मेहनत करे बहुत लेकिन ख़ुदा का दीन मुक़ाम्मल हुआ ग़दिर के दीन, काला क्यों ना हो शेख का चेहरा ग़दिर मे निकला है हसरतो का जनाज़ा ग़दिर मे, जश्न ए ग़दिर देख के ग़मगीन यूँ हुए जैसे मरा हो शेख का बेटा ग़दिर मे, मौलाना नज़र अब्बास जाफरी अजमेरी कहते है, नबी ने किसको बनाया अमीर भूल गए जो बात हक़ थी वो सारे शरीर भूल गए नबी को कैसे दिखाएगें नालती चेहरा वो बद नसीब जो ईद ए ग़दिर भूल गए मौलाना ज़िया अब्बास नक़वी मुरादाबाद कहते है, अली के बराबर का कद ढूंढ ते है, लिए दिल मे बुगज़ ओ हसद ढूंढ़ते है अजब बे हया है भगोडो के बच्चे अली के फ़ज़ाईल की हद ढूंढ़ते है मौलाना इब्ने हसन नक़वी फँदेड़ी सादात कहते है जो पीछे रह गए थे किया उनका इंतेज़ार जो आगे जा चुके थे बुलाया गया उन्हें बच्चों को दे रहे है यही सोच कर अलम बचपन का इंक़लाब जवानी मे आएग़ा शायर कोसर केरनवी कहते है जो दिल के बड़े है अमीरी से मिलेगे जो दिल के है छोटे वो फकीरी से मिलेगे एक खेचा हुआ ख़त है अलीयुन वलीउल्लाह इस तरहा सख़ी भाई ग़दिरी मे मिलेगे, जीशान अली ने बताया आज के दिन दरगाह ए आलिया मे सिर्फ जश्न मनाया गया और हिंदुस्तान के मशहूर ओ मारूफ शयर ने अपना कलाम पेश किया मध ए मौला किया इस मोके पर सभी को शॉल देकर सम्मानित किया गया कमेटी के लोगो स्वागत किया
मौलाना मोहम्मद अलीम, मौलाना मोहम्मद हुसैन हुसैनी, मौलाना नज़र अब्बास, मौलाना नक़ी हैदर नक़वी, फरहान हिदायटी, मौलाना मोहम्मद क़मर बुढ़िना, मौलाना इब्ने हसन नक़वी, मौलाना सलमान अब्बास, मौलाना ज़िया अब्बास, मौलाना फैज़ शब्बीर सैदपुरा, शायर मिर्ज़ा अली मन्नान, शायर जरी बघरावी, शायर फलक बघरावी, शायर शाहनवाज़, शायर मोहम्मद कोसर हुसैन और कमेटी के सदर सरताज हुसैन, महासचिव आस मोहमद, ज़फर अब्बास, शबी अब्बास, मास्टर अली रज़ा, डॉ हसन मेहंदी, हाशिम, शान मोहम्मद, काशिफ रज़ा, ये सभी लोग मौजूद थे























































