जनगणना कार्य में लापरवाही पर सख्त हुए जिलाधिकारी, वेतन रोकने और कार्रवाई के निर्देश

मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनगणना-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में विभिन्न चार्ज अधिकारियों ने अवगत कराया कि कई विभागों द्वारा जनगणना कार्य हेतु नामित कर्मचारियों को अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है, जबकि कुछ कर्मचारी जनगणना संबंधी दायित्वों को ग्रहण करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे जनगणना कार्य की प्रगति प्रभावित होने की आशंका जताई गई।

इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 भारत सरकार का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है और इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता, उदासीनता या असहयोग स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों द्वारा नामित कार्मिकों को समय से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है अथवा जो कर्मचारी जनगणना कार्य में लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध जनगणना अधिनियम के तहत कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही समस्त कार्मिकों को अपने आवंटित दायित्वों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि जनगणना कार्य में बाधा उत्पन्न करने, आदेशों की अवहेलना करने अथवा अपेक्षित सहयोग न देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तरदायित्व तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने समस्त तहसीलदारों एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो कर्मचारी समय पर अपनी ड्यूटी प्राप्त नहीं कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर सूचना उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा जो कर्मचारी जनगणना कार्य का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनके इस माह के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। यदि कोई विभागाध्यक्ष ऐसे कर्मचारियों का वेतन जारी करता है तो उसके विरुद्ध भी कार्रवाई हेतु आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने जनपद के सभी उप जिलाधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण कर जनगणना तैयारियों की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गणना कार्य पूरी तरह त्रुटिरहित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए तथा किसी भी स्तर पर तथ्यात्मक त्रुटि या अभिलेखीय विसंगति स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सांख्यिकीय प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की भावी विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनकल्याणकारी नीतियों का आधार है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी इसे राष्ट्रीय दायित्व मानकर पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।

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