गर्मियों में बच्चों को कितनी बार पानी पिलाना चाहिए?

गर्मियों का मौसम आते ही बच्चों की देखभाल को लेकर माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। तेज धूप, गर्म हवाएं और अधिक पसीना बच्चों के शरीर पर तेजी से असर डाल सकते हैं। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल यह होता है कि बच्चों को कितनी बार पानी पिलाना चाहिए? कई माता-पिता सोचते हैं कि जब बच्चे को प्यास लगे तभी पानी देना पर्याप्त है, लेकिन एक्सपर्ट का मानना है कि सिर्फ प्यास लगने का इंतजार करना हमेशा सही तरीका नहीं होता।

नारायणा हॉस्पिटल, अहमदाबाद में कंसल्टेंट पीडियाट्रिक्स डॉ. उर्वशी राणा का कहना है कि बच्चों के शरीर में पानी की मात्रा वयस्कों की तुलना में अलग होती है और वे गर्मी के प्रभाव से जल्दी प्रभावित हो सकते हैं। अधिक पसीना निकलने से शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है।

गर्मियों में बच्चों को पानी की ज्यादा जरूरत क्यों होती है?

गर्म मौसम में शरीर अपने तापमान को कंट्रोल करने के लिए पसीना निकालता है। पसीने के साथ शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकलते हैं। बच्चे अक्सर खेलकूद और शारीरिक गतिविधियोंमें अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए उनके शरीर से पानी तेजी से कम हो सकता है।

छोटे बच्चे कई बार खुद यह समझ नहीं पाते कि उन्हें प्यास लगी है। कुछ बच्चे खेल में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि पानी पीना ही भूल जाते हैं। इसलिए माता-पिता की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे समय-समय पर बच्चे को पानी पीने की याद दिलाएं।

बच्चों को कितनी बार पानी पिलाना चाहिए?

डॉक्टर कहती हैं कि यह पूरी तरह बच्चे की उम्र, गतिविधि और मौसम पर निर्भर करता है। हालांकि, सामान्य तौर पर गर्मियों में बच्चों को हर 30 मिनट से 1 घंटे के बीच थोड़ी मात्रा में पानी देना फायदेमंद माना जाता है। मुख्य रूप से अगर बच्चा बाहर खेल रहा हो या ज्यादा एक्टिव हो।

छोटे बच्चों को एक बार में बहुत ज्यादा पानी पिलाने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बार-बार पानी देना बेहतर हो सकता है। इससे शरीर में पानी का स्तर संतुलित बना रहता है। शिशुओं के मामले में स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। छह महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए आमतौर पर मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क ही पर्याप्त माना जाता है। वहीं बड़े बच्चों के लिए पानी के साथ अन्य हेल्दी ड्रिंक्स भी शामिल किए जा सकते हैं।

किन संकेतों से समझें कि बच्चे के शरीर में पानी की कमी हो रही है?

डिहाइड्रेशन के कुछ संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि डिहाइड्रेशन की गंभीरता से बच सकें। इसके संकेत निम्न हैं-

  • मुंह सूखना
  • पेशाब कम आना
  • थकान या कमजोरी महसूस होना
  • चक्कर आना
  • बच्चे का चिड़चिड़ा होना
  • होंठ सूखना
  • बहुत ज्यादा प्यास लगना, इत्यादि।

अगर बच्चा बहुत सुस्त दिखाई दे या उसे चक्कर और तेज कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

सिर्फ पानी ही नहीं, ये चीजें भी मदद कर सकती हैं?

गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए कुछ फूड्स भी फायदेमंद हो सकते हैं, जिसमें तरबूज, खीरा, नारियल पानी, संतरा, घर का बना नींबू पानी, दही और फलों का सेवन शामिल है। हालांकि, बहुत ज्यादा मीठे और कैफीन वाले पेय बच्चों को देने से बचना बेहतर माना जाता है।

बच्चों को पानी पिलाने के आसान तरीके

अगर आप अपने बच्चों को पानी पिलाना चाहते हैं, तो कुछ बातों पर ध्यान दें, जैसे-

  • बच्चे के पास हमेशा पानी की बोतल रखें।
  • बाहर खेलने से पहले और बाद में पानी पिलाएं।
  • रंगीन या पसंदीदा बोतल का उपयोग करें
  • पानी पीने की आदत को मजेदार बनाएं

Disclaimer : गर्मियों में बच्चों को हाइड्रेट रखना उनकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है। केवल प्यास लगने का इंतजार करने के बजाय नियमित अंतराल पर पानी देना बेहतर हो सकता है। सही मात्रा में पानी और संतुलित खानपान बच्चों को गर्मी के मौसम में स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।

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