मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में व्यापारी सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ और नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने की। गोष्ठी में सीएफओ अनुराग कुमार, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, नगर क्षेत्र के सभी थाना प्रभारी, उपनिरीक्षक, पीडब्ल्यूडी विभाग, विद्युत विभाग, यातायात पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य व्यापारियों की समस्याओं को सुनना, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस व व्यापारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
गोष्ठी के दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बाजारों में सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, रात्रि गश्त, अतिक्रमण और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों से संबंधित सुझाव एवं समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। पुलिस अधीक्षक अपराध इन्दु सिद्धार्थ ने व्यापारियों से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं विधिक निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद पुलिस व्यापारियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। बाजारों और प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में नियमित गश्त और चेकिंग अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में व्यापारियों को सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें अपने प्रतिष्ठानों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने, कैमरों की दिशा मुख्य मार्गों और प्रवेश द्वारों की ओर रखने तथा बाजारों में सामूहिक रूप से अतिरिक्त कैमरे लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अलावा रात के समय पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने, निजी सुरक्षा गार्ड और चौकीदार रखने तथा अधिक नकदी के परिवहन से पहले स्थानीय पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अपरिचित व्यक्ति या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों से खतरे की आशंका होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
गोष्ठी में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर भी व्यापारियों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी और सोशल मीडिया ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और अन्य आपातकालीन सेवाओं के उपयोग की जानकारी देकर किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।























































