किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू अराजनितिक का प्रदर्शन, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनितिक ने किसानों एवं ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने गंभीर मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ज्ञापन में बिजली, भूमि कब्जे, स्मार्ट मीटर, किसान दिवस व्यवस्था और नशे के कारोबार जैसे कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।

भाकियू अराजनितिक ने ग्राम खानपुर निवासी किसान जर्रार हुसैन की ट्यूबवेल विद्युत कनेक्शन बहाली का मामला प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि किसान लगभग एक वर्ष से विभागीय अधिकारियों और जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। संगठन ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं के प्रति विभागीय अधिकारी गंभीर नहीं हैं, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

ग्राम शेरनगर में स्मार्ट मीटर को लेकर हुए विवाद का भी ज्ञापन में उल्लेख किया गया। संगठन ने किसानों और मजदूरों पर दर्ज एससी/एसटी एक्ट के मुकदमों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए ही नहीं गए, उनके नाम पर जारी किए जा रहे बिलों को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। किसानों ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीण उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

संगठन ने मुजफ्फरनगर के आसपास स्थित गांवों में तालाबों पर भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों को गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा बताया। ज्ञापन में सभी तालाबों की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच कर कब्जामुक्त कराने की मांग की गई। इसके अलावा ग्राम सुजड़ू की अंबेडकर कॉलोनी में अनुसूचित समाज के नाम आवंटित भूमि पर हुए अवैध कब्जे को हटाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।

भाकियू अराजनितिक ने किसान दिवस की वर्तमान व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसान दिवस का उद्देश्य ग्रामीण किसानों की समस्याओं का समाधान करना था, लेकिन अब कुछ लोग इसे राजनीतिक प्रभाव और व्यक्तिगत कार्य कराने का माध्यम बना रहे हैं। संगठन ने मांग की कि किसान दिवस में केवल ग्रामीण क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि वास्तविक किसानों को राहत मिल सके।

ज्ञापन में ग्राम नारा में घरेलू विद्युत कनेक्शनों का लोड बिना उपभोक्ताओं की सहमति बढ़ाने, किसानों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने तथा ट्यूबवेल कनेक्शनों में कथित अनियमितताओं और अवैध वसूली के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की गई। वहीं अंबा विहार क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार और पुलिसकर्मियों पर अवैध वसूली तथा नशा कारोबारियों से मिलीभगत के आरोपों की भी जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई। संगठन ने कहा कि यदि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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