पश्चिम बंगाल में मतदान के बाद स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर हंगामे के बीच 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी नेताओं ने इस मामले को लेकर बिधाननगर के एसडीओ से शिकायत की थी।इसमें कहा गया, ‘यहां एक स्ट्रॉन्ग रूम है और इसे खोलने को लेकर समय तय किया गया था। इसे ध्यान में रखते हुए हम सभी समय पर वहां पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद हमने पाया कि स्ट्रॉन्ग रूम पहले से ही खुला हुआ था। उसे उस समय खोला नहीं जा रहा था, बल्कि वह पहले ही खुल चुका था। इसे लेकर हमने सवाल उठाया, जिसका संतोषजनक जवाब नहीं मिला।’
शिकायत पत्र के मुताबिक, हमने पूछा कि जब काम ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था तो इसे इतनी जल्दी क्यों खोला गया। बाद में पूछताछ करने पर हमें बताया गया कि इस स्ट्रॉन्ग रूम को एक-दो बार नहीं, बल्कि कम से कम 10 बार पहले ही खोला जा चुका है। बूथ नंबर 116 और 117 के लिए छंटाई और पोस्टल बैलेट के स्तर पर हमारा काम पूरा हो गया था। इसलिए हमने पूछा कि इसे खोलने की इजाजत किसने दी और हमें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। लेकिन, कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
चौबीसों घंटे CCTV निगरानी की मांग
बीजेपी नेताओं की शिकायत पर बिना इजाजत स्ट्रॉन्ग रूम खोले जाने के आरोप में 6 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के तहत मतदान संपन्न होने के बाद स्ट्रॉन्ग रूम की चौबीसों घंटे सीसीटीवी निगरानी की मांग की है। स्ट्रॉन्ग रूम में सीलबंद ईवीएम रखी गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल के कार्यालय का दौरा किया।कोलकाता के दो मतगणना केंद्रों पर गुरुवार देर शाम उस समय भारी हंगामा हुआ, जब तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा चुनावों की सीलबंद ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम में पारदर्शिता की कमी और गड़बड़ी किए जा सकने का आरोप लगाया। तृणमूल उम्मीदवारों शशि पांजा और फिरहाद हकीम ने कहा कि हरिपाल, जलपाईगुड़ी, सागरदिघी, रामपुरहाट, घाटल, औसग्राम, आरामबाग, तामलुक, तपन, तूफानगंज, मयनागुड़ी, जयनगर, कसबा और सतगछिया जैसे कई इलाकों में स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में लगे सीसीटीवी के खराब होने की खबरें आई हैं। हमने उप सीईओ को ज्ञापन सौंपा और अधिकारियों को बताया कि सीसीटीवी की खराबी को ठीक किया जाना चाहिए।























































