मुजफ्फरनगर के आर्य समाज रोड स्थित डीएवी इंटर कॉलेज में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब छात्रों और अभिभावकों ने एनसीईआरटी की किताबों के साथ अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के दबाव का विरोध किया। आरोप है कि शासन की स्पष्ट गाइडलाइन के बावजूद स्कूल से जुड़े एक दुकानदार द्वारा छात्रों को केवल एनसीईआरटी पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए अन्य महंगी किताबें भी अनिवार्य रूप से लेने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना था कि सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक के लिए केवल एनसीईआरटी पुस्तकों को ही लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। इसके बावजूद निजी प्रकाशकों की अतिरिक्त किताबें थोपना पूरी तरह से अनुचित है और यह सीधे तौर पर अभिभावकों के आर्थिक हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की व्यवस्था एक सोची-समझी प्रक्रिया के तहत की जा रही है, जिससे कुछ लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाया जा सके।घटना के दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक और छात्र कॉलेज परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मौके पर मौजूद दुकानदार संचालक ने स्थिति को संभालने और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित अभिभावकों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। इस दौरान काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और सड़क पर भी भीड़ के कारण आवागमन प्रभावित हुआ।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने लोगों को शांत कराया और विवाद को बढ़ने से रोका। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए पूरे प्रकरण की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।अभिभावकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया और केवल एनसीईआरटी किताबों को ही लागू नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस घटना के बाद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।













