अलवर जिले के वन नाका प्रतापगढ़ के अधीन झिरी गांव की शाखा का गुवाड़ा क्षेत्र में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब करीब दो वर्षीय बघेरा पेड़ पर मृत अवस्था में लटका मिला। घटना की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में बघेरे के पेट पर रस्सी का फंदा पाए जाने से मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ, जिसके बाद वन विभाग के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया गया।
वन विभाग को सोमवार देर शाम ग्रामीणों से सूचना मिली कि झिरी गांव की शाखा का गुवाड़ा में एक पेड़ पर बघेरा लटका हुआ है। सूचना मिलते ही वनपाल रामवतार मीना अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां बघेरा मृत अवस्था में पाया गया। निरीक्षण के दौरान जब बघेरे के शरीर पर रस्सी का फंदा देखा गया तो शिकार की आशंका और गहरा गई। इसके बाद तत्काल उच्च अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया गया।
मंगलवार को मृत बघेरे को थानागाजी रेंज कार्यालय लाया गया, जहां पशु चिकित्सकों के दल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद बघेरे का नियमानुसार दाह संस्कार किया गया। चिकित्सकीय जांच और मौके की परिस्थितियों को देखते हुए शिकार की संभावना से इनकार नहीं किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ आर.के. हुड्डा के निर्देश पर राजगढ़ एसीएफ प्रशांत कुमार गौड़, भिवाड़ी एसीएफ संजय कुमार तथा रेंजर जितेंद्र सैन बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से गहन पूछताछ की और घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य एकत्र किए। पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिस पर अधिकारियों का शक गहराता चला गया।
इसके बाद शाखा का गुवाड़ा निवासी प्रभुदयाल मीना पुत्र को हिरासत में लिया गया। वन विभाग द्वारा की गई सख्त पूछताछ में आरोपी ने बघेरे के शिकार की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रस्सी के फंदे का उपयोग कर बघेरे को फंसाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार या उन्हें नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। वन विभाग द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस शिकार में और कौन-कौन लोग शामिल थे। यह घटना एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण की जरूरत और सतर्कता की अहमियत को उजागर करती है।















