मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की 58वीं बोर्ड बैठक दिनांक 24 नवंबर 2025 को सहारनपुर मंडलायुक्त सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडलायुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष ने की। बैठक में जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर, जिलाधिकारी शामली, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण मुजफ्फरनगर, सचिव विकास प्राधिकरण, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग मेरठ के प्रतिनिधि, नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन सहारनपुर, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता जल निगम सहित प्राधिकरण के नामित बोर्ड सदस्य गजे सिंह, शरद शर्मा, श्रीमोहन तायल तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत 57वीं बोर्ड बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि के साथ की गई। इसके बाद 58वीं बैठक के लिए रखे गए विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। बोर्ड ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजनांतर्गत कांधला, बुढ़ाना और खतौली के लिए महायोजना (मास्टर प्लान) तैयार करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। इन क्षेत्रों में तेजी से हो रहे शहरी विस्तार और जनसंख्या वृद्धि को देखते हुए महायोजना को विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। यह योजना आगामी वर्षों में क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्र संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।बैठक में शामली विकास प्राधिकरण के पृथक गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। प्रशासनिक दृष्टि से यह निर्णय शामली जनपद में विकास कार्यों की गति को तेज करेगा। अभी तक शामली का अधिकांश शहरी विकास कार्य मुजफ्फरनगर प्राधिकरण के अधीन होने के कारण कई प्रक्रियाएं लंबित रहती थीं, लेकिन नया प्राधिकरण बनने के बाद स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार त्वरित योजनाएं बनाई जा सकेंगी।
मुजफ्फरनगर में 800 सीट वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण को भी बोर्ड ने अपनी स्वीकृति प्रदान की। यह ऑडिटोरियम जिले में सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक अत्याधुनिक स्थल उपलब्ध कराएगा। लंबे समय से जिले में बड़े स्तर के कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त भवन की कमी महसूस की जा रही थी, ऐसे में यह परियोजना जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगी।रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एफडीआर में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली, जिससे जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी। बढ़ती जल समस्या को देखते हुए प्राधिकरण ने इसे प्राथमिकता में शामिल किया है। इसके साथ ही प्राधिकरण के पुनरीक्षित बजट पर भी विचार करते हुए इसे अनुमोदित किया गया।आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से संबंधित प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने सहमति जताई, जिससे प्राधिकरण के कामकाज में सुचारूता आएगी। बैठक में लिए गए फैसलों को जिले के भविष्य के विकास की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।























































