थानाभवन में भाकियू और किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने गन्ना समिति कार्यालय पहुंचकर गन्ना समिति सचिव के कार्यालय का घेराव किया और बजाज हिंदुस्तान शूगर मिल पर विक्रय की गई चीनी के 85 प्रतिशत भुगतान की मांग की। किसानों का कहना था कि जब तक उनका भुगतान नहीं किया जाता, तब तक इस मिल के गन्ना इंडेंट जारी नहीं किए जाएं, और वे अन्य मिलों के इंडेंट पर ही गन्ना डालेंगे। गन्ना सचिव ने किसानों से बातचीत कर उच्च अधिकारियों से समस्या समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा। इस दौरान, एक महिला किसान ने बताया कि उसका गन्ना भुगतान चार माह से किसी अन्य के खाते में चला गया था, जिससे उसे परेशानी हो रही थी। गन्ना सचिव ने दो दिन में महिला के खाते में पैसा वापस करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद हंगामा शांत हुआ। भाकियू के जिला महासचिव धीरज राणा ने चेतावनी दी कि यदि मिल ने गन्ना इंडेंट जारी नहीं किए तो किसान बजाज शूगर मिल को गन्ना नहीं देंगे और अन्य मिलों का इंडेंट जारी किया जाएगा। गन्ना समिति सचिव ने किसानों की सभी मांगों को सुनकर दो दिन का समय मांगा और समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। गन्ना महाप्रबंधक ने बताया कि 20 नवम्बर तक का भुगतान कर दिया गया है और गन्ना इंडेंट भी जारी किया जा चुका है।















