मुजफ्फरनगर जिला को-ऑपरेटिव बैंक की वार्षिक सामान्य निकाय की 91वीं बैठक पंजाबी बारातघर, भोपा रोड, मुजफ्फरनगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बैंक के सभापति रामनाथ सिंह ने की, जबकि ऊर्जा राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. सोमेन्द्र तोमर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व विधायक उमेश मलिक, भाजपा जिलाध्यक्ष मुजफ्फरनगर डॉ. सुधीर सैनी, भाजपा जिलाध्यक्ष शामली तेजेन्द्र निर्वाल, पूर्व विधायक अशोक कंसल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, बैंक डेलीगेट्स तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष व सचिव शामिल हुए।
सभापति रामनाथ सिंह ने प्रबंध समिति के सदस्यों के साथ सभी अतिथियों और गणमान्य लोगों का स्वागत किया। सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ आम सभा की कार्यवाही प्रारम्भ हुई। इसके बाद बैंक के सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार ने 31 मार्च 2025 को समाप्त कारोबारी वर्ष की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में बैंक ने 2022.08 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जो गत वर्ष की तुलना में 680 लाख रुपये अधिक है। बैंक की जमा राशि 2240.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 2318.33 करोड़ रुपये हो गई। बैठक में सदस्य समितियों को 11 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
सभा में उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों ने नई समितियों का कार्य शीघ्र प्रारम्भ करने, ऋण के लिए भूमि बंधक प्रक्रिया, जमा हिस्सेदारी, खाद वितरण की सुचारु व्यवस्था, ब्याज अनुदान तथा लालूखेड़ी समिति की पुरानी इमारत जैसे मुद्दे उठाए। इस पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला सहकारी बैंक और जनपदीय आयुक्त सहकारिता ने नियमों और सरकारी निर्देशों की जानकारी देते हुए किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शाखा झिंझाना और शाखा नई मंडी मुजफ्फरनगर के शाखा प्रबंधकों तथा सोइंजनी जाटान, चूनसा, चरथावल और झिंझाना समितियों के सचिवों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए उमेश मलिक ने कहा कि व्यक्ति और पद अस्थायी होते हैं, लेकिन जिला को-ऑपरेटिव बैंक पिछले 98 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहा है, इसलिए सभी को बैंक हित को सर्वोपरि रखना चाहिए। डॉ. सुधीर सैनी ने सहकारिता को जनपद के विकास का पावर हाउस बताया, जबकि तेजेन्द्र निर्वाल ने इसे स्थानीय विकास की रीढ़ बताते हुए सहयोग का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि 2014 से पहले सहकारिता पर सीमित परिवारों का वर्चस्व था, लेकिन अब नए नेतृत्व में सहकारिता नए स्वरूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि बैंक नेतृत्व बैंक को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि बैंक का कार्य सराहनीय है, लेकिन कुछ समितियों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने पारदर्शिता, किसान हित और संतुलित ऋण वितरण पर जोर देते हुए कहा कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे किसानों की ऋण जरूरतों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में उपसभापति मुकेश कुमार जैन, संचालक दिनेश कुमार, सोमबीर सिंह, इन्द्रपाल सिंह, आशीष त्यागी, नाबार्ड के जिला प्रबंधक निलय वत्स तथा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अरिमर्दन सिंह गौर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
















