बांदा। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत त्वरित विवेचना और प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप थाना मटौंध क्षेत्र के वर्ष 2018 के एक फायरिंग मामले में 3 अभियुक्तों को सजा दिलाई गई।पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के कुशल निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में न्यायालय ने जान से मारने की नियत से अवैध तमंचे से फायर कर व्यक्ति को घायल करने वाले तीनों अभियुक्तों को 07-07 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 23 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।थाना मटौंध क्षेत्रान्तर्गत कस्बा मटौंध निवासी अखिलेश, बरदानी और शोभा ने उसी कस्बे के रतनलाल और वादी बरातीलाल पर जान से मारने की नियत से अवैध तमंचे से फायर कर उन्हें घायल कर दिया था। वादी की तहरीर पर थाना मटौंध में अभियोग पंजीकृत किया गया था।
विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राजीव प्रसाद सिंह द्वारा की गई। विवेचक ने प्रभावी विवेचना करते हुए अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। थाना मटौंध में आर्म्स एक्ट में भी अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।मामले में लोक अभियोजक महेन्द्र द्विवेदी व विमल कुमार सिंह द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी विपुल यादव, पंकज कुमार तथा पैरोकार आरक्षी संदीप के अथक प्रयासों से न्यायालय बांदा ने तीनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अभियुक्त अखिलेश पुत्र देवीदीन,बरदानी पुत्र भुलुवा, व शोभा उर्फ शोबरन पुत्र मुन्ना निवासी कस्बा मटौंध, थाना मटौंध, जनपद बांदा के निवासी हैं।























































