मुजफ्फरनगर न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश संतोष राय ने दीप जलाकर किया। उन्होंने लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसमें वादकारियों के बीच आपसी समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण होता है, जिससे समय की बचत होती है और आपसी सौहार्द बना रहता है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से ऋण मामलों में अधिकतम छूट देने की अपील की। इस अवसर पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने पारिवारिक मामलों के सुलह-समझौते पर जोर दिया। लोक अदालत में कुल 3,91,165 प्रकरण निस्तारित किए गए, जिसमें मोटर दुर्घटना दावे में 3 करोड़ से अधिक का प्रतिकर प्रदान किया गया। विभिन्न न्यायालयों ने शमनीय फौजदारी और दीवानी मामलों का निस्तारण करते हुए अर्थदंड और अनुतोष राशि वसूल की। राजस्व अधिकारियों ने 7623 राजस्व मामलों का निस्तारण कर 93 लाख से अधिक का राजस्व वसूल किया। बैंकों ने 319 ऋण मामलों का निस्तारण कर लगभग 6.95 करोड़ रूपये की धनराशि का सेटलमेंट किया।























































