मुजफ्फरनगर। आत्मा योजना के तहत आयोजित दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन कृषि विज्ञान केंद्र बघरा एवं चितौड़ा में किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में जिले के सभी ब्लॉकों से बड़ी संख्या में किसानों ने प्रतिभाग किया। कृषि विज्ञान केंद्र बघरा में 548 तथा चितौड़ा में 436 किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
कृषि विज्ञान केंद्र चितौड़ा में डॉ. पूजा ने मिलेट्स यानी श्रीअन्न की फसलों ज्वार, बाजरा, मंडवा, रागी, कांगनी और कोदो की आधुनिक खेती की तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मिलेट्स से बनने वाले खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता और मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव बताए तथा किसानों को श्रीअन्न की खेती के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. यशपाल सिंह ने बागवानी संबंधी जानकारी देते हुए आम के बागों में एकांतर फलन की समस्या के समाधान पर चर्चा की।
डॉ. रीना देवी ने फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ और मिट्टी पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने गन्ने के साथ सहफसली खेती के फायदे बताए। डॉ. दिनेश कर्णवाल ने पशुओं में होने वाली बीमारियों और टीकाकरण की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र बघरा में कृषि यंत्रों, पराली प्रबंधन और मशरूम उत्पादन पर जानकारी दी गई। किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरक प्रयोग, एकीकृत कीट प्रबंधन, जैविक खेती, पशु रखरखाव और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपाय बताए गए। उप कृषि निदेशक प्रमोद सिरोही ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।























































