मां की जान बचाने को गुलदार से भिड़ा 15 साल का बेटा,

बिजनौर के नहटौर थानाक्षेत्र के गांव पुट्ठी पुट्ठा में बुधवार सुबह खेत से चारा लेने गई महिला पर गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। महिला के 15 वर्षीय बेटे ने साहस का परिचय दिया और डंडा लेकर गुलदार को खदेड़ दिया।

सूचना पर पहुंचे लोगों की मदद से घायल मां को अस्पताल में भर्ती कराया। नहटौर के ग्राम पुट्ठी पुट्टा निवासी विजेंद्र की पत्नी मोनी देवी अपने 15 वर्षीय बेटे पुकार के साथ बुधवार सुबह पूर्व ग्राम प्रधान संजीव कुमार के खेत में घास काटने गई थी।

बताया गया कि खेतों में पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने महिला पर हमला कर दिया, इसमें महिला घायल हो गई। शोर सुनकर पास में काम कर रहा महिला का बेटा डंडा लेकर गुलदार से भिड़ गया। किशोर ने गुलदार को खेतों में खदेड़ दिया। वहीं गुलदार की सूचना मिलते ही खेतों में काम कर रहे किसान दहशत के कारण घरों को लौट गए। पुड्डी के पूर्व प्रधान संजीव कुमार, मनीष कुमार, सचिन कुमार, रामपाल सिंह, राजीव कुमार, विकास कुमार आदि ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने की मांग की है।

10 दिन पूर्व गुलदार ने बच्ची की जान ली थी

10 दिन पूर्व गांव फजलपुर मंडोरी निवासी आठ वर्षीय बच्ची को गुलदार ने मौत के घाट उतार दिया था। गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा भी लगाया था, लेकिन गुलदार पिंजरे में कैद नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के डर के कारण वे खेतों पर भी नहीं जा पा रहे हैं। बच्चों को डर के कारण बाहर नहीं भेज रहे है। रात भी में पहरा दे रहे हैं।

कैमरे बढ़ाएं

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि खासकर बच्चों को शाम में अकेले घर से बाहर न भेजने संबंधी जागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने जागरूकता का व्यापक प्रचार प्रसार को पंपलेट छपवाकर बटवाने और मानव गुलदार घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने निर्देश दिए। कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को डीएम अंकित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में मानव-गुलदार संघर्ष के संबंध में समीक्षा बैठक हुई।

डीएम ने मुआवजा सहित पिंजरों के संबंध में, मेडिकल रिपोर्ट आदि की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, कैमरों की रिकार्डिंग प्रयाप्त आवश्यकता अनुसार रखने, पंपलेट छपवाकर लोगों में जागरूकता फैलाने आदि के निर्देश दिए। डीएम ने संवेदनशील गांवों में पर्याप्त व्यवस्था संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए वन विभाग को विशेष रूप से सतर्कता और सजगता बरतने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रभागीय निदेशक वानिकी को निर्देशित करते हुए कहा कि मानव-गुलदार संघर्ष घटनाओं को रोकने के लिए प्रशिक्षित वनकर्मियों की क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) गठित करने को कहा। साथ ही जंगली जानवरों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने के लिए सीमा पर सोलर फेंसिंग (तार बाड़) लगाने को कहा। इस दौरान सीडीओ पूर्ण बोरा, एडीएम प्रशासन विनय कुमार सिंह, पीडी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएफओ अरुण कुमार सिंह आदि अधिकारी उपस्थित थे।

 

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts