चंबल नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने के कारण औरैया जनपद के 12 गांव भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इस आपदा ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। खेतों और घरों में बाढ़ का पानी घुसने से हजारों बीघा फसलें जलमग्न हो गई हैं। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नावों के सहारे अपने जरूरी सामान निकालने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सिकरोड़ी गांव का प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह से पानी में डूब गया है। कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को विवश हैं। गांवों से लोगों की सुरक्षित निकासी के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है। विशेष रूप से गौंहानी कलां गांव में तीन नावें तैनात की गई हैं ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उपजिलाधिकारी निखिल राजपूत ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
प्रशासन की ओर से राहत शिविरों की व्यवस्था तेजी से की जा रही है। बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों को प्राथमिक चिकित्सा, भोजन और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान करने के प्रयास लगातार जारी हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं ताकि जनहानि को रोका जा सके और हालात जल्द सामान्य हो सकें।















