बांदा। अपराध करो और सोचो कि मुकदमा ठंडे बस्ते में चला जाएगा। ये सपना देखना अब बंद कर दो! क्योंकि बांदा में अब ऑपरेशन कॉन्विकशन का दौर चल रहा है। डीजीपी उत्तर प्रदेश के आदेश पर चल रहे इस महाअभियान के तहत बांदा पुलिस ने एक 12 साल पुराने गैंगस्टर को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। साल 2014 में थाना कोतवाली नगर में एक शातिर अपराधी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। नाम था वरुण प्रताप पुत्र सुरेन्द्र प्रताप, निवासी काशीराम कॉलोनी।सालों तक तारीख पर तारीख चलती रही। अपराधी को लगता था कि सब खत्म हो जाएगा। लेकिन उसे पता नहीं था कि इस बार केस की कमान खुद एसपी पलाश बंसल ने संभाल रखी है।एसपी ने साफ आदेश दिया था “सजा दिलाओ, चाहे फाइल कितनी भी पुरानी क्यों न हो। विवेचक नि० कमलेश सिंह ने मजबूत चार्जशीट लगाई, लोक अभियोजक सौरभ सिंह ने कोर्ट में एक-एक सबूत को शीशे की तरह पेश किया और कोर्ट मोहर्रिर कां०अमित सिंह, आ०रघुनाथ मौर्य और पैरोकार आ०अभिलाष यादव ने दिन-रात एक करके फाइल को सजा तक पहुंचाया।न्यायालय ने वरुण प्रताप को दोषी मानते हुए 03 साल के कठोर कारावास और 6000 रुपये जुर्माने की सजा सुना दी। कोर्ट में सजा सुनते ही गैंगस्टर के चेहरे का रंग उड़ गया। सज़ा सुनाई के बाद एसपी पलाश बंसल ने कहा कि हम अपराधी को सिर्फ गिरफ्तार नहीं करते, उसे सजा दिलाकर ही दम लेते हैं। ऑपरेशन कॉन्विकशन का मतलब है अपराध का अंत। बांदा में अपराध करोगे तो 12 साल बाद भी सजा मिलेगी। ये शुरुआत है।























































