बांदा। महालक्ष्मी के पर्व के मौके पर अपनी मां के साथ केन नदी में नहाने गया 11 वर्षीय बालक केन नदी में स्थित गहरे पानी के गढ्ढे में समा गया। बालक के चिल्लाने पर वहां मौजूद उसके भाई ने बचाने का प्रयास किया। लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। चीख-पुकार सुनकर वहां पर मौजूद गोताखोरों ने आनन-फानन में उसको बाहर निकालकर जिला अस्पताल उपचार के लिए ले गये। जहां पर डाक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के जरैली कोठी निवासी दिनेश गुप्ता का 11 वर्षीय पुत्र आयुष अपनी मां के साथ महालक्ष्मी के मौके पर पूजा करने केन नदी गया था। जहां पर नहाते समय वह अचानक नदी के गहरे गढ्ढे में समा गया। चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद उसके भाई रवि ने उसके बचाने का बहुत प्रयास किया। लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। वहां मौजूद गोताखोरों ने उसके पानी से निकालकर आनन-फानन में उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गये। डाक्टरों ने परीक्षण के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया। घटना के जानकारी होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। उधर पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।















