वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के रूप में दुनियाभर में प्रसिद्ध है. यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और दूसरे धार्मिक स्थलों पर दर्शन करने पहुंचते हैं. त्योहारों और वीकेंड पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान बना रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. छोटी-सी लापरवाही आपकी यात्रा का मजा खराब कर सकती है. इसलिए वृंदावन जाने से पहले इन 8 गलतियों के बारे में जरूर जान लें.
मंदिर में धक्का-मुक्की न करें
वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में अक्सर काफी भीड़ रहती है. दर्शन के दौरान आगे बढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करने से बचें. इससे आपको और आसपास मौजूद लोगों को चोट लग सकती है. मंदिर में बनाई गई लाइन का पालन करें और सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों को नजरअंदाज न करें. बुजुर्गों और बच्चों का भी खास ध्यान रखें.
बंदरों के सामने सामान न दिखाएं
वृंदावन की गलियों और मंदिरों के आसपास बंदर बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं. उनके सामने मोबाइल, चश्मा, प्रसाद या खाने की चीजें लेकर जाने से बचें. बंदर सामान छीनने की कोशिश करते हैं. उन्हें छेड़ना या खाना खिलाना भी सही नहीं है. सामान को बैग में सुरक्षित रखें और बंदरों से उचित दूरी बनाए रखें.
कीमती सामान लेकर न घूमें
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान को संभालकर रखें. मंदिरों के आसपास भीड़ अधिक होने के कारण सामान गिरने या चोरी होने की परेशानी सामने आती है. जरूरत से ज्यादा कैश साथ लेकर न जाएं. जरूरी सामान को सुरक्षित बैग में रखें और बैग की चेन हमेशा बंद रखें.
मंदिरों के नियम न तोड़ें
हर मंदिर के अपने कुछ नियम होते हैं. कहीं फोटोग्राफी की मनाही होती है तो कहीं मोबाइल ले जाने पर रोक होती है. दर्शन के दौरान मंदिर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. पूजा-पाठ के समय तेज आवाज में बात करने, धक्का देने या अनुशासन बिगाड़ने से बचें. धार्मिक स्थलों की मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है. साथ ही वृंदावन में कुछ लोग दर्शन कराने, पूजा करवाने या जल्दी दर्शन कराने के नाम पर श्रद्धालुओं से संपर्क करते हैं. ऐसे लोगों पर तुरंत भरोसा करके पैसे न दें. किसी भी पूजा या सेवा के लिए भुगतान करने से पहले शुल्क और व्यवस्था की जानकारी लें. दबाव में आकर कोई फैसला न करें.
इन बातों का भी रखें ख्याल
वृंदावन में कई जगह स्ट्रीट फूड और प्रसाद की दुकानें मिलती हैं. लेकिन कुछ भी खाने से पहले साफ-सफाई जरूर देखें. काफी देर से खुले में रखा खाना खाने से बचें और यात्रा के दौरान साफ पानी पिएं. अपनी पानी की बोतल साथ रखें, ताकि सफर के दौरान तबीयत खराब होने की परेशानी से बचा जा सके. वीकेंड और त्योहारों के दौरान वृंदावन में भीड़ काफी बढ़ जाती है. ऐसे में बच्चों का हाथ पकड़कर रखें और उन्हें अकेले कहीं न जाने दें.
परिवार के सभी सदस्यों के साथ एक जगह मिलने का स्थान पहले से तय करें और मोबाइल में जरूरी संपर्क नंबर सेव रखें. वृंदावन की कई गलियां काफी संकरी हैं और यहां पैदल चलने वालों के साथ ऑटो, ई-रिक्शा और दूसरे वाहन भी चलते हैं. इसलिए सड़क या गली पार करते समय जल्दबाजी न करें. वाहन आते-जाते समय सावधानी बरतें और भीड़ में चलते हुए अपने आसपास नजर रखें.
वृंदावन की यात्रा श्रद्धा और भक्ति से जुड़ी होती है. अगर आप मंदिरों के नियमों का पालन करते हैं, कीमती सामान संभालकर रखते हैं, बंदरों से दूरी बनाए रखते हैं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतते हैं तो यात्रा बेहतर रहती है. दर्शन के साथ अपनी सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखें.























































