राशन की बड़ी कालाबाजारी का भंडाफोड़.

बाँदा। गरीबों के हक का राशन बाजार में बेचने वाले कोटेदारों पर अब शिकंजा कसने लगा है। अतर्रा तहसील के ग्राम पंचायत पवई में उचित दर विक्रेता रामबहादुर की दुकान पर हुई जांच में 113 क्विंटल से अधिक सरकारी खाद्यान्न का हिसाब गायब मिला है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद आपूर्ति विभाग ने कोटेदार के खिलाफ थाना बिसंडा में एफआईआर दर्ज करा दी है। ग्राम पवई निवासी प्रेमचंद, पिंटू सहित अन्य ग्रामीणों ने कोटेदार रामबहादुर के खिलाफ राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। शिकायत पर पूर्ति निरीक्षक अजीत कुमार एवं क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार की टीम ने जांच की।दोपहर करीब 1:30 बजे जब जांच टीम दुकान पर स्टॉक सत्यापन के लिए पहुंची तो कोटेदार मौके से गायब मिला।

इसके बाद उसकी पत्नी सरोज व अन्य लोगों की मौजूदगी में स्टॉक का भौतिक व अभिलेखीय सत्यापन किया गया। सितंबर और अक्टूबर 2026 के वितरण व स्टॉक के मिलान में बड़ा खेल सामने आया। जांच के दौरान दुकान या गोदाम में जो खाद्यान्न होना चाहिए था, वह मौके पर नहीं मिला। रिपोर्ट में खाद्यान्न के दुरुपयोग व कालाबाजारी की गंभीर आशंका जताई गई है। इस पर उचित दर विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश, 2016 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद आपूर्ति विभाग ने तहसील के अन्य कोटेदारों पर भी नजर तेज कर दी है। आपूर्ति निरीक्षक अतर्रा अजीत कुमार ने बताया कि अतर्रा तहसील के करीब आधा दर्जन कोटेदार विभाग के रडार पर हैं। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने तहसील क्षेत्र में पारदर्शी व बेहतर वितरण व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया।

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