मुजफ्फरनगर। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर कारागार मुख्यालय, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंदियों और उनकी बहनों के बीच विशेष मुलाकात का आयोजन किया गया। इस दौरान जेल परिसर में भावुक और सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। जेल प्रशासन ने बहनों और अन्य मुलाकातियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए। गर्मी से बचाव के लिए टेंट, कुर्सियों और शीतल जल की व्यवस्था की गई, जबकि बच्चों के लिए बिस्किट और टॉफी उपलब्ध कराई गईं। मुलाकात स्थल को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया।
रक्षाबंधन पर अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंची बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और उन्हें अपराध का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प दिलाया। इसके बाद भाई-बहनों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। लंबे समय बाद परिवार से मुलाकात के दौरान कई बंदी और उनकी बहनें भावुक नजर आए।जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। ऐसे सामाजिक और धार्मिक अवसर बंदियों को परिवार तथा समाज की मुख्यधारा से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान बंदियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष दिखाई दिया।
दिनभर में कुल 975 बहनों ने अपने बंदी भाइयों से मुलाकात कर उन्हें राखी बांधी। वहीं, 376 बच्चों ने भी कारागार में निरुद्ध अपने परिजनों से मुलाकात की। इसके अलावा 17 भाइयों ने कारागार में निरुद्ध अपनी बहनों से राखी बंधवाई। जेल अधीक्षक और अधिकारियों की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। विशेष मुलाकात की व्यवस्था के लिए बंदियों और उनके परिजनों ने जेल प्रशासन का आभार जताया। कार्यक्रम में जेलर नीरज कुमार श्रीवास्तव, डिप्टी जेलर दीपक सिंह, हेमराज सिंह, अंकित कुमार, यशकेंद्र यादव सहित कारागार स्टाफ मौजूद रहा।
























































